स्वाद के दीवानों को घर के खाने से ज्यादा जायका बाहरी खाने में नजर आता है। भले ही उस खाने के साथ वह दस अन्य बीमारियां भी खुद ही खरीद लेता है। भाग-दौड़ भरे इस जीवन में लोगों के पास समय का अभाव है तो उनको लगता है कि बाहर से ही खाना ऑर्डर करना सही है। कुछ लोग घर ले खाने के साथ साथ बाहर से भी फस्ट फूड जैसी वस्तुओं को मंगवाते रहते है। भले ही उस खाने की वजह से लोग डॉक्टरों को मोटे मोटे बिल भी थमा रहे हैं लेकिन फिर भी उनको जीभ का स्वाद उस खाने से रोक नही पाता है।

जब लोगों में इस प्रकार के खानों का शौक बढ़ने लगा तो बाजर में ऑनलाइन खाना घर तक पहुंचाने वाले भी आ गये और इसके बाद से शुरू हुआ लोगों को ठगने का काम । जी हाँ, साइबर ठगी ! दून में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। ऑनलाइन ऑर्डर और एटीएम कार्ड आदि के नाम पर शातिर दूनवासियों को चूना लगा रहे हैं।

ताजा मामला पिज्जा ऑर्डर को लेकर प्रकाश में आया है। निरंजनपुर निवासी व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में पत्र देकर बताया कि उन्होंने पिज्जा मंगाने के लिए गूगल पर डोमिनोज पिज्जा का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। सर्च में मिले एक नंबर पर कॉल की। जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति ने पिज्जा ऑर्डर करने के लिए ऑनलाइन पेमेंट करने को कहा। जिसके लिए अज्ञात व्यक्ति ने बैंकिंग डिटेल मांगी। पीड़त ने अपना क्रेडिट कार्ड नंबर, ओटीपी आदि की जानकारी दे दी। जनकारी देते ही पीड़ित के पास सन्देश आया की खाते से 20099 रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं।

साइबर थाने से उप निरीक्षक राजीव सेमवाल ने मामले की जांच की तो पता चला कि शिकायतकर्ता के खाते से धनराशि पंश्चिम बंगाल के आइसीआइसीआइ बैंक खाते में ट्रांसफर हुई है। जिसे तत्काल फ्रीज करा दिया गया। इंटरनेट की इस दुनियां में जहां तकनीकी के बहुत फायदे हैं वहीं इसके गम्भीर दुष्परिणाम भी है। आये दिन इस प्रकार के मामलों से हजारों लोग ठगी का शिकार हो रहें हैं। ऑनलाइन भुगतान कई बार इतना महंगा पड़ जाता है कि फिर जीवन भर उस वस्तु को खरीदने या खाने की इच्छा ही नही होती। इस लिए सवधान व सतर्क रहना बेहद जरूरी है।