उत्तराखंड में आये दिन हादसों से सबक लेते हुए डीजीपी ने उत्तराखंड पुलिस को यातायात के नियमों से लोगों को अवगत करवाने की मुहिम चला रखी है। जनवरी माह से उत्तराखंड पुलिस नागरिकों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने में लगी हुई है। उत्तराखंड में बढ़ते हादसों में तेज गति से चलने वाला बेलगाम वाहन अहम भूमिका में नजर आते हैं। कई बार पाया गया है कि तेज गति से चलने वाले वाहन दूसरे लोगों या जीवों को टक्कर मारकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में डीजीपी अशोक कुमार ने क्षेत्र चौकी इंचार्जों को सख्त हिदायत दी हुई है कि अपने क्षेत्र में यातायात नियमों का उलंघन करने वालों पर कठोर से कठोर कारवाई करें।

इसके बाबजूद भी रामनगर थाने से जुड़ी पीरूमदारा चौकी के इलाके में पुलिस की सुस्ती की वजह से सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे। ऐसे में पुलिस हेडक्वार्टर ने एक्शन लिया है। डीजीपी ने एसएसपी नैनीताल को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से चौकी इंचार्ज कवींद्र शर्मा को सस्पेंड किया जाए। आपको बता दें कि बार्डर चौकी होने की वजह से कई दारोगा यहां पोस्टिंग पाने के लिए अफसरों से लेकर नेताओं तक से जुगाड़ लगाने में नहीं चूकते हैं। सिपाही तक चाहते है कि उन्हें उन्हें यहां तैनाती मिले।

पीरूमदारा चौकी की कमान लंबे समय से दारोगा कवींद्र शर्मा के पास है। पिछले साल इस चौकी छेत्र में कुल 13 सड़क हादसे हुए थे। जिसमें दस लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। बढ़ते हादसों की वजह से अफसरों ने पूर्व में कई बार इंचार्ज कवींद्र को निर्देशित किया था कि चेकिंग पर खास फोकस करें। उसके बावजूद उन्होंने लापरवाही बरती और सोमवार रात भी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने दो बच्चों को टक्कर मार दी थी। जिसमें एक बच्चे की मौत भी हो गई थी। जिसके बाद गुस्साये लोगों ने ट्रैक्टर में आग लगाने के साथ जमकर हंगामा किया था। साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए थे।

डीजीपी अशोक कुमार ने अपना पदभार ग्रहण करते ही पुलिस मैहकमे में सुधार करने के बहुत प्रयास शुरू किए। लोगों और पुलिस के बीच आपसी व्यवहार कुशल हो इसके लिए भी वह लगातार प्रयासरत रहते हैं फिर भी कुछ अराजक तत्वों की वजह से और कभी कभी कुछ पुलिस वालों के सुस्त रवैये से डीजीपी को सख्त होना पड़ता है। यही वजह है कि मंगलवार देर शाम डीजीपी अशोक कुमार ने लापरवाही बरतने की वजह से एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी को निर्देश दिया कि चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दें।

सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना आम नागरिक का कर्त्तव्य है। तेजी गति से चलता वहन केवल दूसरे के लिए नही बल्कि खुद की जान के लिए भी घातक है। शराब या स्मैक जैसे नशे कर वाहन चलाने वाले कुछ घण्टों के नशे में न जाने कितने लोगों की जिंदगियां खराब कर देते हैं। यही वजह है कि सड़कों पर चैकिंग के लिए पुलिस चैक पोस्ट बनाये जाते हैं। लेकिन कुछ भ्रष्ट पुलिस कर्मी इन चैक पोस्टों को अतिरिक्त कमाई का हिस्सा समझ लेते हैं और अंजाम होता है सड़क दुर्घटना। पहाड़ समीक्षा आप सब से उत्तराखंड पुलिस के सहयोग की अपील करता है और यातायात नियमों का सही से पालन कर प्रदेश को दुर्घटना मुक्त करने का सहयोग करें।