उत्तराखंड समाचार: गैस रिसाव के कारण घर में हुआ धमाका, घर के अंदर थी 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला ।


उत्तराखंड के ऋषिकेश में घर पर रखे सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण घर में धमाका हो गया। गनीमत यह रही की इस धमाके से किसी के जान की हानि नही हुई। गुमानीवाला की 10 नंबर गली में एक घर में गैस सिलिंडर से गैस रिसाव होने पर घर में धमाका हो गया है। धमाके से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। घर के अंदर रह रही एक 85 वर्षीय बुर्जुग महिला के दोनों हाथ, पैर और मुंह झुलस गया। अभी बुजुर्ग महिला का इलाज चल रहा है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि महिला खतरे से बाहर है।

मकान स्वामी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि वह जेजी ग्लास फैक्ट्री में कार्यरत है। मकान में पत्नी, बेटा और उसकी 85 वर्षीय मां शांति देवी रहती है। पत्नी बेटे को लेकर कुछ दिन पहले ही मायके गई हुई हैं। इन दिनों उसकी मां और वही घर पर रह रहे थे। वह सुबह खाना बनाने के बाद फैक्ट्री के लिए रवाना हो गया था। रसोई में गैस रिसाव हो रहा है इसकी जानकारी शायद उसकी मां को नहीं लगी। प्रदीप बिष्ट की मांग पूजा अर्चना करने के लिए धूप जलाने लगी तो तभी तेज धमाका हो गया। इस घटना से रसोई का दरवाजा, खिड़कियों की जालियां, शीशे, रेलिंग आदि टूट गई। साथ ही मकान की दीवारों में दरारें आ गई। श्यामपुर चौकी उपनिरीक्षक आरएस कपरुवाण ने बताया कि धमाके के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। चौकी पुलिस इस ओर छानबीन में जुटी हुई है।

इस घटना के बाद एक और बड़ी समस्या यह सामने आई कि अगर किसी समय इस प्रकार की अनहोनी होती है तो गालियां इतनी शंकरी है कि इनमें दमकल की गाड़िया घुस ही नही सकती हैं। इस घटना में भी गली संकरी होने के कारण वाहन घटना स्थल तक नहीं पहुंच सका। लेकिन टीम घटना स्थल तक पहुंच गई। इस घटना में आगजनी नहीं हुई। टीम में सुनील रावत, मनोज रावत, भरत कुमार, सत्यपाल राणा शामिल थे। वही दूसरी तरफ इंडियन गैस अधिकारियों ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने घर पर हुए नुकसान का जायजा लेकर इसकी रिपोर्ट तैयार की। पार्षद बिरेंद्र रमोला ने बताया कि घटना की जानकारी एसडीएम को भी दे दी गई थी।


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