आज कल की युवा पीढ़ी में संस्कारों का बहुत बड़ा अभवा देखने को मिल रहा है। माता-पिता के सम्पन्न होने के बाबजूद भी बच्चों में अच्छी शिक्षा व आदर्शों का अभवा दर्शाता है कि नई पीढ़ी किस दिशा में बढ़ रही है। स्त्री यौन उत्पीड़न और चोरी जैसे अपराधों में लिप्त होते युवाओं ने न सिर्फ राज्य की संस्कृति बल्कि भारत के महान आदर्शवादी कथन को ही कलंकित कर दिया है। बच्चे हाई-फाई स्कूलों से शिक्षा लेने के बाद भी मन से कुंठित प्रवित्ति के शिकार होते जा रहें हैं। कहीं न कहीं शिक्षा के गिरते स्तर ने भी इन सब पर असर डाला है। शिक्षा प्रणाली में रतन्तु विद्या तो है लेकिन अपने आदर्शों से कृतिमान स्थापित करने वाले लोगों के सन्दर्भ में कुछ नही है। माता-पिता के पास इतना समय नही कि वह बच्चों को समय देकर उनको अपने खानदान की शिक्षा दे सकें। आदर्श और अच्छी सोच अपने बच्चों में विकसित कर सकें।

इसी का नतीजा होता है जब ऐसी खबरे निकल कर आती हैं कि पिता आर्थिक रूप से सम्पन्न हैं और पुत्र चोरी में लिप्त, जी हाँ ! खबर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से प्रकाश में आई है। पुलिस के मुताबिक बीते 17 जनवरी को जयराम पुत्र सीताराम निवासी श्यामपुर कांगड़ी हरिद्वार ने सचूना दी कि हरिद्वार शहर क्षेत्र से बाइक पर सवार तीन युवक मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज इत्यादि की मदद से तीन युवकों को धर दबोचा। हेमेंद्र पुत्र दिनेश कुमार निवासी शहजादपुर नागल सोती, बिजनौर, पंकज पुत्र सुनील कुमार निवासी बाबरपुर चांदपुर बिजनौर और हिमांशु चौधरी पुत्र सत्यपाल निवासी ग्राम छितावर किरतपुर बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों के पास से चोरी की तीन बाइक और झपटे हुए मोबाइल फोन बरामद हुए है। आरोपियों ने रानीपुर, सिडकुल और ऋषिकेश के श्यामपुर से एक-एक बाइक चोरी की थी। पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी में पता चला है कि हिमांशु चौधरी के पिता की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी है। हिमांशु के पिता के तीन स्टोन क्रशर है। तीनों आरोपी सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करते हैं और साथ ही तीनों मिलकर चोरी की वारदात को भी अंजाम देते हैं। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है।