अब ग्रेजुएट युवाओं को इंटर्नशिप करने के लिए भटकने की जरूरत नही है। उत्तराखंड में अब ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको अपने नगर निगम या नगर पालिका में तीन महीने की इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार के द अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम (ट्यूलिप) को शहरी विकास निदेशालय प्रदेश के सभी आठ नगर निगम और सभी नगर निकायों में लागू करने जा रहा है।


इस इंटर्नशिप की अवधि आठ सप्ताह से एक वर्ष रहेगी। ट्यूलिप कार्यक्रम 4400 शहरी स्थानीय निकायों और स्मार्ट शहरों के माध्यम से भारत में इंटर्नशिप का बड़ा अवसर प्रदान कर रहा है। इसका कोई भी विशिष्ट बजट निर्धारित नहीं किया गया है, लेकिन शहरी स्थानीय निकाय और स्मार्ट सिटी चाहें तो वेतन अथवा भत्तों का भुगतान करने के लिए केंद्र द्वारा आवंटित प्रशासनिक खर्चों का उपयोग कर सकते हैं। इंटर्नशिप के दौरान 5,000 से 45,000 रुपये तक स्टाइफंड भी दिया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने वाले आवेदक का भारतीय नागरिक होने के साथ ही बीते 18 महीनों के भीतर कॉलेज का अंतिम वर्ष पूरा किया हो। इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव मिलेगा, जिससे वे बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का आसानी से सामना कर सकेंगे।


यह स्मार्ट सिटी देहरादून में शुरू हो चुका है। जल्द ही सभी नगर निगमों और नगर निकायों में भी हम इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता और मजबूत होगा। संबंधित निगम या नगर निकाय इसके तहत इंटर्नशिप करने वाले युवाओं के चयन की प्रक्रिया अपने स्तर से तय कर सकते हैं। वह चयन के लिए टेस्ट या मेरिट को भी आधार बना सकते हैं। जो युवा इंटर्नशिप करेंगे, उसे संबंधित निकायों से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। ट्यूलिप केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है।