उत्तराखंड में आये दिन सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। सड़क हादसों की वजह केवल हादसे में आहत लोग ही नही होते बल्कि कुछ ऐसे लोग भी होते है जिनको बेवजह स्पीड का शौक होता है या कई बार नशे में धुत्त व्यक्ति को यह आभाष ही नही होता है कि गाड़ी किस वेग से दौड़ रही है। इसका आजम कई बार ऐसा होता है कि सही दिशा और दशा में चलने वाला भी काल के गाल में समा जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ खटीमा में मिठाई की दुकान से मिठाई लेकर घर लौट रहे पिता-पुत्र के साथ।

मुडेली से मिठाई लेकर घर लौट रहे वार्ड 13 निवासी 38 वर्षीय भीम सिंह चौहान पुत्र मोहन सिंह चौहान शुक्रवार की देर रात अपने पुत्र वीर सिंह उर्फ विक्रम के साथ स्कूटी से मुडेली से मिठाई लेकर घर लौट रहे थे। इस दौरान पीलीभीत रोड पर भुजिया नंबर दो के समीप सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसमें वह खून से लथपथ हालत में सड़क पर गिर गये तथा पुत्र भी सड़क पर गिर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से दोनों को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने भीम सिंह को मृत घोषित कर दिया जबकि बेटी की नाजुक हालत को देखते हुए हायर सेंटर भेज दिया गया है।

मृतक अपने पीछे दो पुत्र, एक पुत्री व पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है। अब देखा जाय तो इस घटना का जिम्मेदार कौन है। लोग आज इंसानियत को भूलकर पैसों के मद में चूर हैं। सड़क हादसों में जाने कितनों के सपनों को मिट्टी में मिला दिया, कितनों के घर सूने हो गये। फिर भी लोग अपनी हरकतों से बाज नही आते हैं और सड़क नियमों को ताक में रखकर वाहन चलाते हैं।