पिथौरागढ़ जिले के आंबेडकर गांव हराली के तोक आगर निवासी शंकर राम की पत्नी खीमा देवी (40) सोमवार को अन्य महिलाओं के साथ पास के जंगल में घास काटने गई थी। इस दौरान घात लगाए तेंदुए ने खीमा पर अचानक हमला कर उसका गला दबोच लिया। साथी महिलाओं के शोर मचाने के बाद भी आदमखोर ने खीमा को नहीं छोड़ा। कुछ देर बाद तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल की ओर चला गया। महिलाएं मौके पर पहुंचीं तो खीमा की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर ग्रामीण, वन विभाग, पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

तेंदुए के हमले में मारी गई हराली गांव के तोक आगर की खीमा देवी की मौत के बाद उसके चार बच्चे अनाथ हो गए हैं। महिला का पति कई साल से लापता है। खीमा देवी बकरी पालकर और घास बेचकर बच्चे पालती थी। अब उसकी मौत से बच्चों का एकमात्र सहारा भी छिन गया है। ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र ने बताया कि खीमा की बड़ी बेटी डिग्री कॉलेज में पढ़ती है जबकि एक इंटर में है। दो छोटे बेटे हैं। मां की मौत से परिवार का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की है।

तेंदुए के हमले की पूर्व की घटनाओं से वन विभाग ने कोई सबक नहीं लिया। तेंदुए के हमले में मौत का यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व तेंदुआ मोड़ी और रिण में दो महिलाओं का शिकार कर चुका है। अगर 17 दिसंबर को महिला की मौत के बाद वन विभाग हरकत में आया होता तो 19 दिसंबर को तेंदुआ रिण के टूपा गांव में महिला को नहीं मार पाता। इसके बाद भी तेंदुआ लगातार हमले करता रहा। दो दिन पूर्व नैनीताल से शिकारी हरीश धामी ने यहां आकर मोर्चा संभाल लिया था। शिकारी के तैनात होने के बावजूद तेंदुआ एक और महिला को अपना निवाला बना गया।