द्वाराहाट भाजपा विधायक महेश नेगी की अब मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, विधायक ने डीएनए सैम्पल को लेकर सीजेएम कोर्ट देहरादून के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से याचिकी की थी। आपको बता दें कि विधायक नेगी पर एक महिला ने बीते अगस्त माह में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया था और ये आरोप भी लगया था कि विधायक महेश नेगी उसकी पुत्री के जैविक पिता हैं।पीड़िता के आरोपो के आधार पर पुलिस ने उन सभी होटलों पर चैकिंग की जहां महेश नेगी महिला को लेकर जाता था। पुलिस की जांच में अभी जगह महिला के साथ विधायक के मौजूद होने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद ही सीजेएम कोर्ट देहरादून ने विधायक नेगी के डीएनए को बच्ची के डीएनए से मिलान करने के आदेश जारी किये थे।

विधायक महेश नेगी के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया था। ऐसे में पीड़िता ने कोर्ट में शिकायत की। इसके बाद नेहरू कॉलोनी में विधायक महेश नेगी व उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि विधायक ने देश के कई शहरों में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इससे उनकी एक बेटी भी पैदा हुई है। पीड़िता का दावा है कि उसने बेटी का डीएनए टेस्ट कराया था, जिसमें महेश नेगी ही उसके जैविक पिता होने की पुष्टि हुई थी। हालांकि पुलिस के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद नही है।

कोर्ट के आदेश के बाद लगातर दूसरी बार भी महेश नेगी खून का नमूना देने नही पहुंचे और उन्होंने बताया कि उनकी तबियत ठीक नही है। 11 जनवरी को जब उनको दूसरी बार खून के नमूने के लिए आना था उससे पूर्व ही उन्होंने हाईकोर्ट से निचली अदालत के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की जिस पर 13 जनवरी को सुनवाई की बात समाने आ रही थी। लेकिन 13 जनवरी को हुई सुनवाई में एकलपीठ ने मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि विधायक नेगी का डीएनए होगा या नही ।