चुनावी माहौल के बीच युवाओं को रोजगार देने की कवायत तेज, सीएम ने बुलाई बैठक ।

 


उत्तराखंड में रोजगार को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर रुख इख्तियार किये हुए है । राज्य सरकार के लिए इस चुनावी माहौल में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या भी नजर आ रही है । ऐसा भी नही है कि राज्य में रिक्तियां नही है लेकिन सरकार इस ओर क्यों नही ध्यान दे रही है इसका जवाब खुद सरकार ही दे सकती है । चुनाव के नजदीक आते ही रोजगार को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। ऐसे में सरकार ने शासन को रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में शासन ने अब लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन सेवा आयोग और चिकित्सा चयन आयोग की बैठक बुलाई है।


शासन कई बार विभागों से रिक्त पदों के संबंध में विस्तृत जानकारी देने को कह चुका है। विभागों से जानकारी आ रही हैं,मगर आधी-अधूरी। बीते वर्ष मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी विभागों को रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए भर्ती कराने वाले तीनों ही आयोगों के साथ बैठक भी की थी। इस बात को अब तकरीबन तीन माह का समय गुजर चुका है। अब नया साल आ गया है इसलिए अब वर्ष 2019 तक प्रदेश सरकार द्वारा की गई भर्तियों का पूरा लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में यह बैठक भी बुलाई गई है, ताकि अभी तक हुई भर्तियों और इस वर्ष होने वाली भर्तियों की एक तस्वीर सामने आ सके। 


सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक सेवा आयोग के पास भर्ती के काफी अधिक अधियाचन आ चुके हैं। ऐसे में आयोग अगले छह माह तक नए अधियाचनों पर भर्ती कराने की स्थिति में नहीं है। इसे देखते हुए अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के साथ ही प्राविधिक शिक्षा परिषद को भी कुछ भर्तियां कराने को कहा गया। वर्ष 2020 में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभिन्न पदों पर आवेदन जारी किये गये हैं जिन पर अभी परीक्षाएं होना शेष है । कोरोना काल में ऑफलाइन परीक्षाओं में दिक्कत के चलते आयोग परीक्षाएं नही करवा पाया लेकिन एक वर्ष अधिक समय से निलंबित कनिष्क अभियंता और कृषि सहायक की परीक्षा सफलता पूर्वक ऑनलाइन करवाने के बाद अब आयोग की राह कुछ हद तक आसान हुई है ।

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