लगभग छह माह से चल रहे बिजली बढ़ोतरी के प्लान पर आखिरकार मोहर लग ही गई। हालांकि उस राज्य के लिए यह शर्म की बात है जिस राज्य में 25-26 बांध बिजली बनाने का कार्य कर रहे हों, लेकिन "राजनीति की मार आम जन को खबर न सार" वाली बात है इसलिए दिल्ली जैसे प्रदेश उत्तराखंड की बिजली का मुफ्त स्तेमाल कर पा रहे हैं। पहले यह प्रस्ताव 30 नवंबर तक भेजा जाना था। लेकिन, तब ऊर्जा निगम ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद आयोग ने 31 दिसंबर तक का समय दिया। इस समयसीमा पर भी ऊर्जा निगम प्रस्ताव भेजने में नाकाम रहा।

15 जनवरी 2021 को आयोग ने जैसे कैसे प्रस्ताव यूपीसीएल भेजा और यूपीसीएल ने बोर्ड बैठक का इंतजार किए बिना ही परिचालन से प्रस्ताव पास कर इसे आयोग को भेज दिया है। अब नई बिजली की दरों से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा ये जान लेते हैं। अब तक घरेलू उपयोग में आने वाली बिजली की दर ₹4.44 प्रति यूनिट थी जो अब बढ़कर ₹4.53 प्रति यूनिट कर दी गई है। कॉमर्शियल में ₹6.38 प्रति यूनिट से बढाकर ₹6.65 प्रति यूनिट कर दी गई है और उद्योग में ₹6.03 प्रति यूनिट से बढाकर ₹6.35 प्रति यूनिट कर दी गई है।

अगर इन आंकड़ों को प्रतिशत के नजर से देखें तो घरेलू दरों में 1.99%, कॉमर्शियल दरों में 4.05%, एलटी उद्योग में 2.5%, उद्योगों में 5.13% तक वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया है। कुल औसत 4.56% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है। राहत कि बात यह है कि हर महीने 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले लोगों पर किसी तरह का अतिरिक्त भार नहीं डाला गया है। किसान और बीपीएल परिवारों को भी अतिरिक्त भार से मुक्त रखा गया है। अर्थात किसान, बीपीएल और माह में 100 यूनिट तक की खपत करने वाले लोगों से पुरानी दर पर ही बिल लिया जाएगा, मतलब उनको ₹4.44 प्रति यूनिट ही बिल चुकाना होगा।