ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन को लेकर लगातर विवाद हो रहा है और इस विवाद की मुख्य वजह है स्थानीय लोगों की जगह बाहरी लोगों को रोजगार दिया जाना । कुछ समय पहले मलेथा में स्थानीय लोगों ने एक प्रोजेक्ट अधिकारी के साथ मारपीट कर उसे हस्पताल पहुंचा दिया था । उस वक्त स्थानीय युवाओं का कहना था कि उन्हें रोजगार न देकर कम्पनी बाहर से लोगों को कार्य पर रख रही है । गौरतलब है कि राज्य में बेरोजगार इंजीनियर की भी कमी नही है क्योंकि वर्षो से सरकार ने AE पर किसी प्रकार की भर्ती नही की है । राज्य में JE के पद तो भरे जा रहे हैं लेकिन वह भी ऊंट के मुह में जीरा जैसा ही है, क्योंकि राज्य में डिप्लोमा होल्डर युवा भी लाखों में पहुंच चुके हैं ।


यही वजह है कि अब लोग जगह जगह रेलवे प्रोजेक्ट का विरोध करने लगे है । ग्रामीण क्षेत्रों में युवा शक्ति बेरोजगार बैठी हुई है और प्रोजेक्ट में तैनात कम्पनियां बाहर से लोगों को कार्य पर ला रही है । अब श्रीहनुमान मंदिर समिति सुमेरपुर ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार न देने पर रोष जताया।


समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह की अध्यक्षता में कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना में गांव के युवाओं को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। साथ ही प्रभावितों के वाहन नहीं लगाए जा रहे हैं, जो अनुचित है। कहा कि परियोजना के निर्माण से गांव के पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिसकी मरम्मत नहीं की जा रही है। उन्होंने 15 दिनों में मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही परियोजना की कार्यदायी संस्था को ज्ञापन भी सौंपा।