आज कल फोन के दौर में जहां खबरों का आदान प्रदान तेज हुआ है वहीं महिलाओं के प्रति अपराध भी बढ़ा है । तकनीकी के इस दौर में आपके चेहरे का उपयोग कर कोई भी आपके साथ कुछ कर सकता है। तकनीकी के इस दौर में मोबाइल फोन से कम उम्र के बच्चों में भी अपराध बढ़ा है । पोर्नोग्राफी जैसी वेबसाइट पर प्रतिबंध न होने के कारण और अश्लील विज्ञपनों से बच्चों में इस तरफ झुकाव बढ़ रहा है । कम उम्र में ही बच्चे पढ़ाई से हटकर पोर्नोग्राफी का शिकार हो रहे हैं और इस प्रकार की खबरों की मुख्य हैडिंग बन रहे हैं।


उत्तराखंड के काशीपुर में भी यही हुआ। यहां दसवीं के छात्र ने अपनी साथी छात्रा को उसकी अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। लड़के की इस हरकत से छात्रा इस कदर आहत हुई कि उसने जहर खा लिया। छात्रा को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में छात्रा के ही एक सहपाठी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी लड़का भी नाबालिग है।


यह घटना आईटीआई थाना क्षेत्र के एक गांव की है। गांव में रहने वाला एक छात्र और छात्रा एक ही स्कूल में दसवीं में पढ़ते हैं। सोशल मीडिया का दौर है, पढ़ाई भी ऑनलाइन हो रही है, इसलिए दोनों आपस में सोशल मीडिया पर बातें करने लगे। सारा विवाद छात्रा के सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर करने को लेकर शुरू हुआ था जिस पर आरोपित लड़के ने अभद्र टिप्पणी की थी । इसकी शिकायत लड़की ने अपने पिता से की जिसके बाद गांव में पंचायत के माध्यम से समझौता हो गया था । सबको लगा कि लड़का अब छात्रा को कभी तंग नहीं करेगा, लेकिन लड़का अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।


छात्रा के पिता का कहना है कि समझौते के बाद भी आरोपी लड़का उनकी बेटी को मैसेज भेज रहा था। बेटी की आपत्तिजनक फोटो बनाकर वायरल करने की धमकी भी दी। जिससे उनकी बेटी तनाव में आ गई। उसने जहर खा लिया। पिता का कहना है कि आरोपी लड़के ने ही उनकी बेटी को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया। आरोपित के खिलाफ हत्या के लिए उकसाने और आपत्तिजनक फोटो बनाने के बाद धमकी देने जैसी धाराओं में केस दर्ज कर दिया गया है ।