मंत्रिमंडल ने संस्कृत शिक्षकों के मानदेय में पांच हजार रुपये से ज्यादा वृद्धि को मंजूरी दी। कैबिनेट मंत्री व शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने संस्कृत को बढ़ावा देने की अपनी नीति के तहत शिक्षकों को राहत दी है। आपको बता दें कि संस्कृत उत्तराखंड राज्य की राजभाषा है। सरकार के इस कदम से राज्य में संस्कृत भाषा को बढ़ावा मिलेगा ऐसा मौजूदा सरकार का मानना हैं।

मदन कौशिक ने बताया कि प्रबंधकीय व्यवस्था में पांच वर्ष से पढ़ा रहे शिक्षकों को अब 10 हजार के स्थान पर 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसी तरह पांच से 10 वर्ष तक अध्यापनरत शिक्षकों को 25 हजार रुपये, 10 वर्ष से ज्यादा समय से पढ़ा रहे शिक्षकों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने को मंजूरी दी गई है।

इस प्रकार जिन शिक्षकों के पास यूजीसी के मानकों के मुताबिक निर्धारित योग्यता है, एमफिल की उपाधि है, उन्हें पांच हजार रुपये अतिरिक्त धनराशि दी जाएगी। कब इससे संस्कृत भाषा पर क्या प्रभाव पड़ेगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन राज्य के 155 संस्कृत शिक्षकों के लिए अच्छी खबर जरूर है।