एजुकेशन टुडे मैग्जीन की ओर से देश के टॉप सौ शिक्षण संस्थानों में एकेडमिक रेपुटेशन, छात्रों की निजी रुचि, विद्यालय में ढांचागत सुविधाएं, सुरक्षा मानक, शारिरिक शिक्षा, मुद्रा की महत्ता को कॅरिकुलर एजुकेशन, नेतृत्व प्रबंधन गुण, रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, सामुदायिक सेवा आदि मानकों को लेकर व्यापक सर्वे किया गया था। इस सर्वे में देहरादून का प्रतिष्ठित दून स्कूल देश में नंबर वन चुना गया है। जबकि नैनीताल के दो प्रतिष्ठित विद्यालय देश में तीसरे व पांचवां स्थान बनाने में सफल रहे हैं।

कोरोना काल में पिछले दस माह से बंद नैनीताल के स्कूलों को लेकर उत्साइजनक खबर आई है। जिसमें प्रदेश के एक नही बल्कि तीन स्कूलों ने देश के सर्वोच्च पांच स्कूलों में जगह बनाई है। हालांकि इन स्कूलों तक आम व गरीब लोगों के बच्चों की पहुँच नही है, इनमें खास और अमीर लोगों के बच्चे ही पढ़ते हैं लेकिन स्कूली शिक्षा के लिए जो मानक जरूरी वह इन्ही स्कूलों में देखने को मिलते है। ऐसे में यह प्रदेश के लिए खुशी की बात है कि उत्तराखंड में पूरे भारत के बच्चे स्कूली शिक्षा के लिए रुख करते हैं।

इस सर्वे में पहले स्थान पर रहा दून स्कूल पहले से ही अपनी विशेषताओं के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है लेकिन इस बार नैनीताल के दो अन्य स्कूलों ने भी बाँजी मारी है। नैनीताल का सेंट जोसफ कॉलेज उत्तराखंड में तीसरा जबकि नैनीताल का ही बिड़ला विद्या मंदिर देशभर में पांचवे स्थान पर रहा है। इन दोनों स्कूलों के प्रबन्धको का कहना है कि शिक्षक, कर्मचारियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग, समाज की बेहतर करने वालों को प्रोत्साहन देने की सोच को श्रेय जाता है।