उत्तराखंड में जंगली जीवों के हमले नही थम रहे हैं। चाहे बात कुमाऊँ मण्डल की करें या गढ़वाल मण्डल की, हर जगह जंगली जानवरों का आतंक मचाया हुआ है। आज सुबह ही "पहाड़ समीक्षा" ने अपने एक लेख में प्रकाशित किया था कि कैसे गढ़वाल में बंदरों ने 11 वर्षीय बच्चे को नोच डाला। अब दूसरी खबर कुमाऊँ मण्डल से आ रही है जहां एक महिला पर जंगली सूअर ने हमला कर उसकी जान लेली।

यह घटना जिला अल्मोड़ा के भैंसियाछाना विकासखंड की है। जहां नैणी देवाल गांव में रहने वाली 62 साल की सरस्वती देवी मवेशियों को लेकर अन्य महिलाओं के साथ जंगल गई हुई थी। वहां से लौटते वक्त बुजुर्ग महिला पर एक जंगली सूअर ने पीछे हमला कर दिया। साथ की अन्य महिलाओं ने सरस्वती देवी को बचाने की कोशिश की तो सूअर ने उन पर भी हमला बोल दिया जिससे वह चीख-पुकार करने लगी। लेकिन 62 वर्षीय महिला सूअर के वार से नीचे गिर गई और सूअर ने महिला को बुरी तरह से घायल कर दिया। थोड़ी ही देर में 62 वर्षीय महिला ने वहीं पर दम तोड़ दिया।

महिलाओं की चीख-पुकार पर पास के गाँव से रामनाथ गोस्वामी कुल्हाड़ी लेकर मौके पर आया तो सूअर ने रामनाथ गोस्वामी पर हमला बोल दिया। रामनाथ गोस्वामी ने साहस दिखाते हुए सूअर पर कुल्हाड़ी से इतने वार किए कि सूअर वहीं पर ढेर हो गया। यह सारा घटना क्रम बुधवार शाम को घटित हुआ। रामनाथ गोस्वामी इस बात का अफसोस है कि अगर वह वक्त पे आ जाते तो शायद 62 वर्षीय महिला की जान बचाई जा सकती थी। सूअर के हमले से आहत महिला के परिवार को वन विभाग मुआवजा देगा।