उत्तराखंड की राजधानी से लगने वाले सभी नेशनल हाईवे पर सरकार ने ध्यान केंद्रीत किया है । राजधानी से लगने वाले दिल्ली-देहरादून हाईवे की बात करें या देहरादून वाया हरिद्वार हाईवे की बात करें या फिर गढ़वाल या कुमाऊँ मण्डल के हाईवे की बात करें । इसमें कोई संदेह नही है कि सड़क निर्माण कार्यों में तेजी आई है । इसी कड़ी में देहरादून-पौंटा हाईवे भी जुड़ गया है । इस हाईवे पर प्रेमनगर के निकटवर्ती इलाकों में पूर्व से ही चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है ।

इस सड़क परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) करेगी। पहले इस परियोजना के निर्माण का जिम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, देहरादून को सौंपा गया था। एनएचएआइ के अधिकारियों के मुताबिक, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना को हरी झंडी दे दी है। अब परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बल्लूपुर चौक से पांवटा साहिब के बीच करीब 50 किलोमीटर सड़क को चौड़ा किया जाएगा।

बल्लूपुर से पांवटा साहिब राजमार्ग के बीच फोर लेन सड़क के निर्माण के बाद आवागमन आसान हो पाएगा और विभिन्न स्थानों पर लगने वाले जाम से भी निजात मिल सकेगी। इसके अलावा दिल्ली और पांवटा साहिब राजमार्ग के वाहन लंबे फेरा लिए बिना ही एक दूसरी सड़क से जुड़ सकेंगे। दून शहर के आसपास के इलाकों में भी वाहनों का दबाव कम हो पाएगा। आशारोड़ी और झाझरा के बीच सड़क निर्माण में जितनी भूमि की जरूरत होगी, उसका 50 फीसद वनभूमि है। इस लिहाज से यहां पर सड़क निर्माण में वन भूमि हस्तांतरण की चुनौतियां भी होंगी। हालांकि, सड़क निर्माण के बाद दोनों राजमार्ग के यातायात को काफी लाभ मिलेगा।