केंद्र सरकार का कहना है कि इस सड़क के कारण दिल्ली और उत्तराखंड के बीच सड़क की दूरी 25 किलोमीटर कम हो जाएगी। दिल्ली-सहारनपुर आर्थिक गलियारे का नाम चल रहा है और इससे दोनों के बीच की दूरी 235 किलोमीटर से घटकर 210 किलोमीटर रह जाएगी। इससे दोनों शहरों के बीच समय भी 6.5 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगा। यह देश का पहला ऐसा हाईवे होगा, जहां 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, ताकि वन्यजीवों की रक्षा की जा सके। दिल्ली-देहरादून के बीच पूरे एक्सप्रेस वे की बात करें तो कुल 25 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड होगा। इसमें 6 किलोमीटर का खुला और 14 किलोमीटर सुरंग के अंदर होगा। 6 लन का यह हाईवे पुराने वन्यजीव क्षेत्र से होगा।

सरकार का कहना है कि भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रस्ताव के मुताबिक, एक्सप्रेस वे के हर 25-30 किलोमीटर की दूरी में यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि किसी भी प्रकार की उन्हें असुविधा न हो। क्लोज्ड टोल मैकेनिज्म व्यवस्था होगी, ताकि उतने ही इलाके का टोल देना पड़े, जितने से कोई यात्री गुजरा हो। सरकार ने कहा कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में करीब दो साल का वक्त लगेगा। इस कॉरिडोर से क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही उत्तराखंड में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।