हाल ही में गुलाम नबी आजाद के विदाई पर पीएम मोदी ने जिस तरह की संवेदना प्रकट की उससे लग रहा था कि आने वाले समय में गुलाम नबी भी भाजपा का दामन थाम लेंगे लेकिन गुलाम नबी को मोदी के अच्छे सम्बन्ध और आँसू भी नही बदल सके। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया है। उनकी सदस्यता के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2005 की एक घटना को याद किया, जिसके बाद दोनों नेताओं की आंखें नम हो गईं। प्रधानमंत्री ने जिस भावुकता के साथ आजाद के राज्यसभा कार्यकाल और बतौर मुख्यमंत्री उनके काम को याद किया उससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया था।

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने गुलाम नबी को बहुत सारे क्रियाकलापों से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जिसके बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि अब गुलाम आजाद होकर भाजपा में शामिल हो जाएंगे। गुलाम नबी आजाद को इस बार कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा नहीं भेजा है। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी में बदलाव और चुनाव के जरिये राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की पैरवी करने वाले धड़े में आजाद भी शामिल हैं। लेकिन गुलाम नबी शायद अब राजनीति से आजाद ही रहना चाहते है। इसलिए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जिस दिन कश्मीर में काली बर्फ गिरेगी, उस दिन वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।