भारत में किसान आंदोलन को लेकर मुह की खा चुकी मोदी सरकार किसी भी तरह से किसानों को बदनाम कर इस आंदोलन को बन्द करना चाहती है। वर्तमान सरकार के कुछ चेहरों में इतनी क्षमता भी बाकी नही रही कि वह खुद के खिलाफ कुछ कड़वा सुन सके। मोदी सरकार चाहती है कि जैसा वो कहें सब लोग वैसा ही करें लेकिन अब ट्वीटर ने भी साफ कर दिया है कि सरकार जानबूझकर कुछ ट्वीटर अकाउंट को बन्द करवाना चाहती है जो की सम्भव नही है। Twitter ने साफ कर दिया है कि उसकी तरफ से पत्रकारों और न्यूज मीडिया, एक्टविस्ट और राजनेताओं के ट्वीटर अकाउंट को प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा। ट्वीटर का कहना है कि वो किसी से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार का अधिकार नहीं छीन सकता है। ट्वीटर के मुताबिक सरकार जिन अकाउंट को बैन करने का दबाव डाल रही है, वो भारत कानून के अनुरूप नहीं है।  

भारत के टेक्नोलॉजी मिनिस्टर की Twitter के उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत होनी थी। लेकिन ट्वीटर की ओर से ब्लॉग पोस्ट लिखकर दिये गये जवाब के बाद सरकार बातचीत टाल सकती है। वही Twitter के साथ बातचीत से पहले केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्री की तरफ से घरेलू माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म को KOO को प्रमोट किया था। ऐसे में केंद्र सरकार और ट्वीटर के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मोदी सरकार ने कुछ ट्वीटर अकाउंट को बंद करने का सख्त आदेश दिया था, जिसके जवाब में Twitter ने कहा है कि वो पूरी तरह से सरकार की इच्छा के मुताबिक सभी 1,100 अकाउंट को बंद नहीं कर सकता है। अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्वीटर ने बताया कि उसकी तरफ से करीब 500 ट्वीटर अकाउंट को बैन कर दिया गया है, जिससे गलत जानकारियों को फैलाया गया था।

ट्वीटर ने साफ किया कि प्रतिबंधित 500 ट्वीटर अकाउंट भारतीय कानून के हिसाब से बैन किये गये हैं। ऐसे में यह अकाउंट भारत में प्रतिबंधित रहेंगे, जबकि भारत के बाहर अकाउंट चलते रहेंगे। अब ये बात भाजपा सरकार के गले नही उतर रही है। दरअसल, भाजपा हर बात का ठीकरा कांग्रेस पार्टी के ऊपर फोड़ देती है। नोटबन्धी से सम्बंधित सवाल पूछो तो कहते हैं ये हम नही कांग्रेस करना चाहती थी। अब कृषि कानून पर सवाल पूछो तो कहते हैं ये हम नही कांग्रेस करना चाहती थी। तो तुम क्या सिर्फ कांग्रेस द्वारा छोड़ी गई गलत नीतियों को लागू करने आये थे ? या दिमाग ही नही है नई नीतियां बनाने का। पहले कहते थे मनरेगा से कांग्रेस ने देश के युवाओं से गढ्ढे खुदवाए और लॉकडाउन में उसी मनरेगा से उत्तर प्रदेश के एक करोड़ लोगों को रोजगार दे आये, मान गये। कुछ अच्छा हो जाए कांग्रेस की नीतियों से तो मोदी जी और कुछ गलत हो जाए तो, ये तो कांग्रेस चाहती थी।