प्रदेश के एक मेडिकल स्टोर संचालक को करीब 40 लाख की नशे की दवाओं के साथ गिरफ्तार किया है। मेडिकल स्टोर और संचालक के घर से बड़ी मात्रा में दवाएं कब्जे में ली हैं। साथ ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। प्रदेश में मुनाफा खोरी करने वाले मेडिकल स्टोर भी लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। आवश्यक सेवाओं की जद में काले काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्रदेश के छोटे से शहर रुड़की से प्रकाश में आया है। जांच की जा रही है कि आरोपी ये दवाएं कहां से लाता था और किन-किन लोगों को बेचता था। इसके बाद इन लोगों के खिलाफ भी कारवाई होगी।

सिविल लाइंस कोतवाली में सोमवार को एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लंढौरा कस्बे में एक मेडिकल स्टोर पर नशे की दवाएं बेची जा रही हैं। इस पर पुलिस टीम का गठन किया गया। पुख्ता सूचना के आधार पर रविवार शाम पुलिस टीम ने सीओ अभय सिंह के नेतृत्व में मंगलौर रोड स्थित शाद मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती को भी बुला लिया गया। एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि जांच में पता चला है कि नौशाद कई वर्षों से मेडिकल स्टोर की आड़ में नशे की दवाएं बेच रहा था।

ड्रग विभाग ने मेडिकल स्टोर से बरामद दवाओं की जांच की। पता चला कि ये नशे की दवाएं हैं और इनकी बिक्री प्रतिबंधित है। इसके बाद पुलिस ने स्टोर संचालक नौशाद के कस्बा स्थित घर पर भी छापा मारकर भारी मात्रा में नशे की दवाएं जब्त कीं। एसपी देहात ने बताया कि मेडिकल स्टोर और घर से जो दवाएं मिली हैं, उनकी बाजार में 40 लाख कीमत है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह दोगुने दाम पर नशे की दवाएं बेचता था। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी मोडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।