देश में दिन प्रति दिन तेल की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान हैं। देश के तीसरे सबसे बड़े तेल विक्रेता हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मालिक का कहना है कि सरकार चाहे तो दाम कम कर सकती है। लेकिन फिर भी तानाशाही सरकार की तरह भूमिका में नजर आ रही है भारतीय जनता पार्टी। ताजा मामला भाजपा के दिग्गज नेता सुब्रमण्यम स्वामी के ट्वीट के बाद प्रकाश में आया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट किया कि किस तरह भारत में पेट्रोल के दाम दो पड़ोसी देशों नेपाल और श्रीलंका से काफी ज्यादा हैं। जबकि नेपाल में जो तेल जाता है, उसकी आपूर्ति पूरी तरह भारत से ही की जाती है, तब भी वहां तेल हमारे यहां से सस्ता कैसे है? भारत का इंडियन ऑयल कारपोरेशन दो देशों को पूरी तरह से तेल (Oil) आपूर्ति करता है। ये देश हैं नेपाल (Nepal) और भूटान (Bhutan) लेकिन इन दोनों ही देशों में तेल के दाम भारत से सस्ते हैं। भूटान में तेल बहुत ही सस्ता है तो खेल सिर्फ भारत में कैसे होता है कि दो गुने दाम जनता से वसूले जाते हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया राम के भारत में पेट्रोल 92 रुपए तो सीता के नेपाल में 53 रुपए के बराबर है। आपको बता दें कि नेपाल का 100 रुपया भारत में 62 रुपये के बराबर है। वहीं रावण के श्रीलंका में 51 रुपए प्रति लीटर में पेट्रोल बिक रहा है। आपको बात दें कि श्रीलंका का 100 रुपए भारत के 38 रुपए के बराबर है। इंडियन आयल कारपोरेशन (आईओसी) तेल रिफाइन करके नेपाल भेजता है। भारत से करीब 1800 तेल टैंकर रोज तेल लेकर सड़क के रास्ते नेपाल जाते हैं। ट्रांसपोर्टेशन खर्चा चुकाने के बाद भी नेपाल अपनी जनता को पेट्रोल महज 53 रुपये में बेच रहा है जबकि उसका रुपया भारत से छोटा भी है। साथ ही 69 किलोमीटर लंबी मोतीहारी-अमलेखगंज पाइपलाइन के जरिए अब भारत से तेल नेपाल के पारसा के अमलेखगंज डिपो को भेजा जा रहा है। इस पाइप लाइन को आईओसी द्वारा ही संचालित किया जाता है।

भारत में पेट्रोल और तेल के दामों में केंद्र सरकार का एक्साइज और राज्य सरकारों का सेल्स टैक्स अगर काफी ज्यादा है तो इस पर सेस भी वसूला जाता है।मोटे तौर पर हम जिस तेल का मूल्य 84 रुपए प्रति लीटर दे रहे हैं, उसकी मूल कीमत 26-27 रुपए प्रति लीटर है. बाकी पैसा टैक्स, ड्यूटी और डीलर के कमीशन का होता है। इसी टैक्स वसूली के कम करने के बारे में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के मालिक ने भी कहा था। 01 लीटर तेल पर लगभग केंद्र और राज्य मिलकर 35 से 38 रुपये कहा रहें हैं, अगर इन दरों को सरकार कम कर दे तो भारत में आज भी पेट्रोल 65-70 रुपया प्रति लीटर मिल सकता है लेकिन मोदी सरकार जनता को रहात देना नही चाहती है।