सरकार ने 2021 बजट में आम जनता को कुछ खास नही दिया। न तो खाद्य पदार्थ सस्ते हुए और न ही गैस की सब्सिडी को लेकर कुछ राहत मिली उल्टा सब्सिडी को सरकार खत्म करना चाहती है। इस मौसम में जहां सब्जियों के दम कौड़ियों के भाव होते थे पिछले कुछ सालों से वह भी उतरने का नाम नही ले रहे हैं। अब सरकार ने होटल व्यवसाय से घर चलाने वालों को एक और झटका दिया है। इसका असर बड़े होटलों पर तो नही पड़ेगा लेकिन छोटे ढाबों को बढ़ी कीमत से जरूर दो चार होना पड़ेगा।

एलपीजी कंपनियों ने रविवार देर रात व्यावसायिक गैस सिलेंडर का नया संशोधित दाम जारी किया। देहरादून समेत प्रदेशभर में गैस एजेंसी में सोमवार सुबह से बढ़े दाम पर व्यावसायिक सिलेंडर दिए गए। ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चमन लाल ने बताया कि पहले व्यावसायिक गैस सिलेंडर(19 किग्रा) 1387 रुपये का था जो अब 1577 रुपये में मिलेगा। व्यावसायिक गैस के दाम में 190 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे व्यापारिक प्रतिष्ठान वाले अधिक प्रभावित होंगे। सामान्य रेस्टोरेंट संचालकों के लिए 190 रुपये बहुत मायने रखते हैं। इतनी महंगी गैस लेना मुश्किल होगा।

कोरोनाकाल में व्यापारी पहले से ही प्रभावित हैं। ऐसे में व्यावसायिक गैस के दाम बढ़ने से भी व्यापारी निराश हैं। अब व्यावसायिक गैस सिलेंडर 1587 रुपये का मिल रहा है। 10-20 रुपये बढ़ते तो काम चल जाता, लेकिन सीधे 190 रुपये बढ़ाए गए हैं। इतना ही नही, छात्रों व नौकरीपेशे वाले लोगों को राहत देने के लिए शुरू किए गए पांच किग्रा सिलेंडर की रिफिलिंग भी 33 रुपये महंगी हो गई है। पहले पांच किलो रिफिलिंग का दाम 411 रुपये था, जो अब बढ़कर 444 रुपये हो गया है।

इन्हीं अच्छे दिनों की शायद भाजपा सरकार बात करती थी कि पाँच किलो गैस के दाम इतने कर देगी जितने में 15 किलो का सिलेंडर आया करता था। भाजपा ने आम जनता को बीते छह वर्षों में जितना लूटा है शायद ही इस दर से अंग्रेजो ने लूटा हो। चुनावी रैली पर 130 करोड़ रुपये फूंकने वाली भाजपा ने जनता को मुफ्त का कुछ नही दिया लेकिन खुद के विकास को भारत का विकास जरूर बता दिया। सड़के बनाई तो टोल टैक्स वसूला, खाद्य सामग्री में मूल्य वृद्धि, डीजल-पेट्रोल में लगातार वृद्धि, किराया भाड़ा में इजाफा, गैस के दामों में बढ़ोतरी और बैंकों में ब्याज दरों में कटौती जैसे निर्णय ये बताते हैं कि मौजूदा केंद्र सरकार आम आदमी को कुछ नही देना चाहती है। सोना-चांदी के दाम घटने से कोई सोना चांदी थोड़ी खाएगा।