उत्तराखंड की चुनावी सियासत जहां एक ओर चरम पर है तो वहीं हरदा रोज अपनी घोषणाओं और क्रियाकलापों से कार्यकर्ताओं को कभी निराश तो कभी जोश से भर देते हैं। भाजपा भले ही हरदा को घेरने की की कसर नही छोड़ती हो लेकिन हरदा भी राजनीति स्टंड करने में माहिर खिलाड़ी हैं। कल उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब हरदा ने 2022 चुनाव न लड़ने की बात कही जबकि उसके बाद चंपावत में कार्यकर्ताओं के बीच वह ऐसे नजर आए जैसे पार्टी की कमान इन्ही के हाथों में हो। इतना ही नही उन्होंने वहां से हुंकार भरते हुए कहा कि 2022 में कांग्रेस को सत्ता में आने से कोई नही रोक सकता है।

हमेशा अलग अंदाज में जनता के बीच जाने वाले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर नए रूप में दिखे। चंपावत जिला मुख्यालय में चाय पर चौपाल कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों से जनसंपर्क किया। उन्होंने मोटर स्टेशन पर स्वयं चाय तैयार कर कार्यकर्ताओं को पिलाई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की काहिली के कारण लोगों का पूरी तरह से मोहभंग हो गया है। जनता इस बार परिवर्तन के मूड में है, इसलिए कार्यकर्ता अभी से काम में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं ने ठान लिया तो 2022 में कांग्रेस को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। कांग्रेस हमेशा विकास के काम करती है। इससे पूर्व हरीश रावत के मोटर स्टेशन पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।

हरदा पार्टी की डूबती हुई लुटिया में जान भूकने में लगे हुए हैं। पार्टी भी जनती है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो सीएम का चेहरा हरीश रावत ही होंगे। भले वह पूर्व में हुए चुनाओं में हारे हो लेकिन इस वक्त राज्य कांग्रेस में उनके चेहरे के अलावा कोई दूसरा विकल्प नही है। अब हरदा 2022 में चुनाव लड़ेंगे या नही ये तो हरदा ही जाने, लेकिन आलाकमान आज भी हरीश रावत की बातों पर अमल करती है ये बात पार्टी के छोटे बड़े नेता अच्छे से जानते हैं। चंपावत पहुंचे हरदा ने कहा कि भाजपा हर विधानसभा चुनाव को मोदी बनाम कौन के बीच फंसाना चाहती है। उसकी यह मंशा देवभूमि में फलीभूत नहीं होगी, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव प्रदेश के मुद्दों पर होंगे।

बुधवार सुबह हरीश रावत गोलज्यू मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उसके बाद नगर पालिका कार्यालय सभागार में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद हरीश रावत कनलगांव स्थित शहीद राहुल रैंसवाल के आवास पर पहुंचे और परिजनों से राजीखुशी पूछी। उन्होंने शहीद के माता पिता और वीरांगना को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इससे पूर्व हरीश रावत कांग्रेस के दिवंगत जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह देव के आवास पर पहुंचे।