टिहरी जिले में 29 कंटनेमेंट जोन में से 24 कंटेनमेंट जोन गांवों में बनाए गए हैं। जिले में शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन बनने से समझा जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों के आयोजन के कारण ही कोरोना संक्रमण तेजी से फैला। इन शादियों में कोविड गाइडलाइन की पूरी तरह अनदेखी की गई और सैंकड़ों लोग शादियों में जमा हुए। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल,इवा आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों और अन्य कार्यक्रमों में लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैला है।

शनिवार को चंबा ब्लॉक के खांड गांव में 35 ग्रामीण कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह सजवाण ने बताया की तीन मई को चोपड़िया का एक व्यक्ति नोएडा से आया थ। इसके बाद 10 मई को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले ग्रामीणों के सैंपल लिए थे जिसके बाद शनिवार को 35 ग्रामीणों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गजा तहसील के नायब तहसीलदार उपेन्द्र सिंह राणा ने बताया कि गांव को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है।

स्थिति बेहद गम्भीर होती जा रही है और मुख्यमंत्री लॉक डाउन की जगह दौरे कर रहें हैं। स्थिति पर पर्दा डालने के लिए मृतकों की संख्या छुपाई जा रही है, हस्पतालों की स्थिति क्या है इस पर मीडिया में कोई कवरेज नही है। कब राजधानी में ही हस्पतालों के हालत खस्ता हैं तो पहाड़ी क्षेत्र में क्या हाल होंगे ? श्रीनगर बेस हस्पताल इस समय कितना भार उठा रहा उसका सरकार के पास कोई आंकलन नही है बस निर्णय थोप दिया जाता है कि ड्यूटी करो। अभी भी वक्त है राज्य को लॉक डाउन की जरूरत है। केंद्र को कमा के देने के चक्कर में राज्य के नागरिकों से खिलवाड़ बन्द करो और स्थिति को सामान्य करने के लिए लॉक डाउन लगाओ। वैक्सिनेशन सरकार के बसके नही है, स्थिति अगर खराब हो गई तब लॉक डाउन से मृत्यु दर तेजी से बढ़ेगी क्योंकि लोगों को हस्पताल तक जाने नही दिया जाएगा और मरीज घर पर ही दम तोड़ते रहेंगे।