बुधवार सायं खतीगांव क्षेत्र में भारी बारिश हुई। ग्रामीण बादल फटना बता रहे हैं। लगभग एक से डेढ़ घंटे तक मूसलधार बारिश से गांव में भूस्खलन हो गया । गांव के पास के नाले उफान पर आ गए। इस दौरान पहाड़ की तरफ से आए मलबे से राजकीय हाईस्कूल भवन के तीन कक्षों में मलबा घुस गया। इसे क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था। बुधवार से ही बाहर से आने वाले प्रवासियों को रखना था। उससे ही पूर्व ही विद्यालय भवन में मलबा घुस गया। इस दौरान विद्यालय भवन की चहारदीवारी भी ढह गई। ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के सभी सम्पर्क मार्ग ध्वस्त हो चुके हैं। दो मकान मलबे की चपेट में आने से बच गए। पेयजल लाइन ध्वस्त हो चुकी है। सड़क में मलबा आने से कई वाहन फंसे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र सिंह बोहरा ने कहा कि खती गांव में अतिवृष्टि से व्यापक क्षति हुई है। खेत, पैदल मार्ग मलबे से पटे हैं। उन्होंने प्रशासन से बारिश से हुई क्षति का आंकलन कर शीघ्र ग्रामीणों को मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।

वहीं सीमा छोर में मुनस्यारी और धारचूला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हुई। इस दौरान हिमालय की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात हुआ है। मध्य हिमालय की छिपलाकेदार बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। मुनस्यारी के शीर्ष खलिया टॉप में भी हिमपात हुआ। बुधवार अपरान्ह से मौसम का मिजाज बदलने लगा। सुबह से ही हल्के बादल छाए थे। अपराह्न तीन बजे से आसमान घने बादलों से छा गया और तेज हवा चली बाद में गरज के साथ बारिश हुई। जिला मुख्यालय में सायं को फिर से बारिश हुई। मुनस्यारी से मिली जानकारी के अनुसार मुनस्यारी सहित आसपास के क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हुई। इस दौरान हिमालय की ऊंची चोटी पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा सहित सभी पर भारी हिमपात हो रहा है। मध्य हिमालय की प्रमुख छिपलाकेदार पर्वतमाला बर्फ से लकदक हो चुकी है।

धारचूला के भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी भारी बारिश की सूचना है। भारी बारिश से अभी तक किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। क्षेत्र में बारिश जारी है। तहसील की दोनों उच्च हिमालयी दारमा और व्यास घाटी की चोटियों पर हिमपात हो रहा है। बारिश और हिमपात के चलते जिले भर में तापमान में गिरावट आ चुकी है। मौसम को लेकर आम जनता में भी डरा बना हुआ है।