दून के प्रमुख पांच श्मशान घाटों में सामान्य दिनों में हर माह 500 से कम अंतिम संस्कार किए जाते हैं। इससे उलट बीते एक माह में इन श्मशान घाटों में यह आंकड़ा 1570 के करीब जा पहुंचा है। आधिकारिक रूप से इन व्यक्तियों की मृत्यु को कोरोना की वजह नहीं माना जा सकता। फिर भी यकीन कर पाना मुश्किल है कि अचानक बढ़ी इन मौतों के पीछे कोरोना का संक्रमण नहीं है। इस आशंका को भी बल मिल रहा है कि सरकार, शासन व प्रशासन की हिदायत और जागरूकता भरी अपील के बाद भी तमाम लोग बीमार होने पर कोरोना की जांच से बच रहे हैं। फिलहाल ऐसे मामलों की रिकॉर्डिंग नहीं हो पा रही है। हालांकि, समाज की सुरक्षा व कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिहाज से इस तरह की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

चमोली जिले के थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को एक ढाई माह की बच्ची की कोरोना से मौत हो गयी। बच्ची की दादी भी कोरोना संक्रमित मिली हैं। जनपद चमोली में सोमवार को कोरोना के 169 नए मामले सामने आए। थराली में बच्ची की मौत होने के स्वजन को होम आइसोलेट किया है। थराली स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. पूनम के मुताबिक ढाई माह की बच्ची को उसके स्वजन गंभीर हालत में अस्पताल लाए थे। बच्ची का एंटीजन टेस्ट करने पर उसका टेस्ट कोरोना पॉजिटिव आया। इसके तुरंत बाद ही बच्ची ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके स्वजन का भी एंटीजन टेस्ट किया गया, एंटीजन टेस्ट में बच्ची की दादी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई जबकि ढाई माह की मासूम की मां व दादा की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आयी है। उपजिलाधिकारी थराली सुधीर कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि बच्ची के स्वजन की आरटीपीसीआर टेस्टिंग भी की जाएगी व रिपोर्ट आने तक सभी को होम आइसोलेट किया है।