पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि कहा कि जनता पूर्व में कोरोना को लेकर निर्भय सी हो गई थी। यही कारण है कि ऐहतियात न बरतने की वजह से कोरोना का प्रसार अधिक हुआ है। ऐसे में आमजन को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में 10 गुना बढ़ोतरी हुई है, मगर अब कोरोना के मामले भी 10 गुना अधिक बढ़ने से व्यवस्था चरमराई है। उन्होंने कहा कि सरकार की अपनी सीमाएं होती हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को भी अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।

इस पर जनता का कहना है कि राज्य में कोरोना जनता नही बल्कि कुम्भ आयोजन की वजह से फैला है। जब सीएम रहते आपको जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी थी उस वक्त तो आप अर्थव्यवस्था का रोना रोते रहे। दारू की दुकानों पर लगने वाली भीड़ को देखकर तो आपने कभी नही कहा कि इससे कोरोना बढ़ सकता है। राज्य में कुम्भ जैसा आयोजन ही राज्य की इस हालात का जिम्मेदार है लेकिन आप ये स्वीकार नही करेंगे। जब तक आप सीएम रहे तब तक अपने केंद्र के इशारों पर काम किया तो अब आप कौनसा राज्य हित की बातें करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को लेकर जनता में बेहद नाराजगी देखने को मिलती है, यही वजह है कि उनकी बातों पर लोग बेहद आलोचनात्मक प्रतिक्रिया देते हैं। हाल ही में तीन टांग वाले फ्रीज को लेकर हुई किरकिरी के बाद उनका यह पहला सार्वजनिक बयान सामने आया है। खैर, ये उनकी अपनी सोच है कि कोरोना के लिए केवल जनता जिम्मेदार है लेकिन सच तो यही है कि अगर कुम्भ, छठपूजा, मुस्लिम धर्म आयोजन और रैलियां बड़े स्तर पर न होती तो भारत एयर राज्य में कोरोना से मौजूदा हालात पैदा न होते। लेकिन, राजनीति का पहला पाठ ही है कि चरित्र दोगला होना चाहिए इसलिए इसमें दोषा आपके व्यवसाय और कम समझ का है।