उत्तराखंड में बारिश आफत बरपा रही है। कहीं बादल फटने की घटनाएं आ रही हैं तो कहीं दीवार टूटने से लोगों के दबने की। ऐसी ही एक खबर ऊधमसिंहनगर जिले के बाजपुर रम्पुरा काजी से सामने आई है जहां  दीवार गिरने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। जनधन हानि का मुआयना किया जा रहा है। वहीं नैनीताल जिले के भवाली से नगारी गांव में निर्माणाधीन मकान की सुरक्षा दीवार टूटकर नीचे घर में घुस गई। हादसे में घर में एक महिला मलबे में दब गई। लोगों खिड़की तोड़ेकर उसे निकाला। वहीं नैनीताल में शहर और समीपवर्ती क्षेत्रों में बीते 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश आफत का शबब बनी है। भारी बारिश के बाद ज्योलीकोट वीरभट्टी क्षेत्र में नवनिर्मित पुल के समीप की पहाड़ी दरक गयी। जिससे भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। मलबा आने से सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

मुनस्यारी क्षेत्र में भारी वर्षा से नाचनी में रामगंगा नदी पर ग्रामीणों के श्रमदान से बना पैदल पुल बह गया है। यह पुल ग्रामीणों ने नवंबर माह में श्रमदान से बनाया था। रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल बुधवार की रात बह गया। यहां पर दोनों जिलो को जोड़ने वाला पक्का लोहे का पैदल पुल तीन साल पूर्व बह चुका था। आवाजाही के लिए ट्राली लगी है। ट्राली से आवाजाही में परेशानी होती है। जाड़ो में नदी का जलस्तर घटने पर ग्रामीणों ने सौ फीट से अधिक लम्बा पैदल पुल बनाया था,जो बुधवार को बह गया।  

ऐसा ही कुछ हाल राजधानी के गढ़ी कैंट का भी है। गढ़ी कैंट स्थित जैतनवाला में ग्रीन लान स्कूल के ऊपर दस बीघा जमीन पर प्लाटिंग चल रही है। प्लाटिंग के लिए जो पुश्ता लगया था आज अचानक स्कूल की दीवार के ऊपर गिर गया। जिससे स्कूल की दीवार व दरवाजे क्षतिग्रस्त हुए है। गनीमत रही कि स्कूलों की छुट्टी के कारण स्कूल में बच्चे नहीं थे। इससे किसी बड़ी घटना होने से बच गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्लाटिंग का ऊपर वाला पुश्ता भी गिरने की आशंका है। इससे आस पास के घरों को खतरा पैदा हो गया है।