पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड भी अंतर राज्यीय परिवहन पर रोक लगाने पर मंथन कर रहा है। हालांकि अभी इस दिशा में फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सीमित संचालन किया जा रहा है। सरकार ने आदेश दिया तो पूर्ण रूप से संचालन रोक दिया जाएगा। देश भर में बढ़ते कोरोना वायरस को देखते हुए उत्तर प्रदेश रोडवेज अंतरराज्यीय परिवहन को रोकने का फैसला किया है। ऐसे में अब उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसें उत्तराखंड राज्य में दाखिल नहीं होंगी। अन्य राज्यों में लगातार फैल रहे कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए उत्तराखंड में भी लंबे समय से मांग उठ रही थी कि जब तक स्थितियां सामान्य नहीं होती हैं, तब तक अंतरराज्यीय बस संचालन न किया जाए। जिससे अन्य राज्यों से आवाजाही कम होगी। इससे संक्रमण फैलने के खतरे पर थोड़ा असर जरूर पड़ेगा।

उत्तराखंड सरकार ने भी अंतर राज्यीय संचालन पर रोक को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। मुख्य रूप से देखें तो अगर राज्य सरकार यह फैसला लेती है तो परिवहन निगम का वित्तीय नुकसान होना लाजमी है। क्योंकि पहले से ही परिवहन निगम वित्तीय कमी से जूझ रहा है। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान रोडवेज की बसें तीन महीने तक खड़ी रही थीं। अनलॉक शुरू होने के बाद धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर आनी शुरू हुई थी। इस साल वैसे भी सख्त नियमों की वजह से यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। जिससे परिवहन निगम को घाटा हो रहा है। निगम के महाप्रबंधक तकनीकी एवं संचालन दीपक जैन का कहना है कि अभी सीमित संख्या में अंतरराज्यीय बसों का संचालन किया जा रहा है।