पूरा विश्व इस समय कोरोना की मार झेल रहा है। कोरोना चीन की देन हैं यह बात भी जग जाहिर है ऐसे में चीन अपनी गलती को स्वीकार भी नही कर रहा है। विश्व के अनेक देशों के विरोध के बाद भी चीन के होस ठिकाने नही आए और वह हर किसी से भिड़ने को तैयार है। पहले कोरोना कि जानकारी अन्य देशों से छुपाई और कोरोना को बढ़ावा दिया और फिर गलती मानने की जगह अपना दबदबा दिखाने लगा। अमेरिका के कड़े एतराज के बाद भी चीन को पहले कोई फर्क नही पड़ा लेकिन इस बार अमेरिका ने 2022 में होने वाले खेलों को लेकर चीन को घेरना शुरू कर दिया है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने मंगलवार को बीजिंग में 2022 शीतकालीन ओलंपिक के अमेरिकी राजनयिक बहिष्कार का आह्वान किया, मानवाधिकारों के हनन के लिए चीन की आलोचना की और कहा कि जो वैश्विक नेता इसमें शामिल होंगे वे अपना नैतिक अधिकार खो देंगे।  अमेरिकी सांसद ओलंपिक बहिष्कार या स्थल परिवर्तन के बारे में तेजी से मुखर रहे हैं, और अमेरिकी निगमों पर भड़क गए हैं, इस बारे में अपनी चुप्पी का तर्क देते हुए कि विदेश विभाग ने चीन में उइगरों और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों के नरसंहार को चीनी सरकार को उकसाने वाला माना है।