महज 30% मुस्लिम आवादी वाले राज्य को जिहादियों का राज्य कहा जाने लगा है। ये सब उस दिन से शुरू हुआ जिस दिन से भाजपा की राज्य में करारी हार हुई है। 02 मई का दिन भी इतिहास में दर्ज होने वाला दिन बन गया है क्योंकि केंद्र सरकार की पूरी ताकत और चुनाव आयोग की मिली भगत के बात भी एक महिला मुख्यमंत्री नही हटा सकी। अपनी इस नाकामी से बीजेपी कार्यकर्ता इतने बौखला गये हैं कि वह बंगाल को आग में झोंकने का काम कर रहे हैं। बंगाल को पहले ही केंद्र सरकार यह कहकर बदनाम करने की कोशिश कर चुकी है कि राज्य में बांग्लादेशी मुसलमान शरण लेते हैं जबकि सच ये हैं कि बांग्लादेश से हिन्दू भी बंगाल में शरण लेने आते हैं। मुद्दा ये हैं कि हर जगह भाजपा हार के बाद ही क्यों दंगे होते है। ये केवल बंगाल की बात नही है। इससे पहले दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के साथ भी यही हुआ था।

इस बात को बारीकी से समझने की जरूरत है। दिल्ली में हुई हिंसा में भी मुसलमानों को टारगेट किया गया था। एक दो उपद्रवी हर समाज में होते है इससे इनकार नही किया जा सकता है। लेकिन इसका यह मतलब निकालना कि पूरा समाज ही हिंसक है, बिल्कुल बेबुनियाद है। भाजपा की हार के बाद दिल्ली में भी ऐसा ही बताने का प्रयास किया गया और अब बंगाल में भी यही किया जा रहा है जबकि बंगाल में कुल आबादी का 30% ही मुसलमान है। अब इस बात को समझिए कि ऐसा हो क्यों रहा है ? ये भाजपा की रणनीति का एक हिस्सा है जिसको वह स्वयं ही संचालित करता है। अब आप सोच रहे होंगे इसका फायदा क्या, तो इसका फायदा यह है कि इस हार के बाद अगले राज्यों में होने वाले चुनाव में भाजपा को हिन्दू वोटरों की सहानुभूति मिल जाती है।

आपने डेस्टिनेशन वेडिंग सुनी होगी। ये ठीक वैसे ही डेस्टिनेशन वोटिंग पालिसी है भाजपा की, जिसमे पहले से ही भूमिका तय कर दी जाती है। इसका एक बहुत बड़ा फायदा ये होता है कि किरदार अपनी भूमिका के अनुरूप पहले से ही कार्य करने लगते हैं, जैसा की आप सोशल मीडिया पर देख भी रहे होंगे। कुछ अल्प बुद्धिजीवी सोशल मीडिया पर भाजपा की तरफ से बैटिंग करने भी लगे हैं, क्योंकि उनको यही नही पता कि जिस राज्य को जिहादी कह रहें है उसमें 70% आबादी हिन्दू और अन्य समुदाय की है जबकि महज 30% आबादी मुसलमान है। ठीक यही भूमिका दिल्ली हार के बाद भी बनाई गई थी लेकिन हुआ क्या कुछ नही। इन सब में मरता है कार्यकर्ता, वो कार्यकर्ता जिसको लगता है कि एक दिन वह भी नेता बनेगा और फिर वह इस तरह से भीड़ में नही मरेगा।