देहरादून जनपद के चकराता तहसील के अंतर्गत क्वांसी के पास खेड़ा बिजनाड़ में बादल फटने से एक युवक की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। ग्रामीण उनकी तलाश कर रहे हैं। चकराता तहसील के अंतर्गत क्वांसी के पास खेड़ा बिजनाड़ में कोल्हा निवासी कुछ ग्रामीण किसानों की छानिया है। गुरुवार सुबह अतिवृष्टि के कारण बादल फटने से बिजनाड़ में रह रहे स्थानीय ग्रामीण कालिया, फंकियारु व गुंता नामक तीन ग्रामीण परिवारों की छानी पर पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा आ गया। जिसकी चपेट में आने से एक युवक और दो लड़कियां लापता बताए जा रही हैं।  

गुरुवार सुबह अतिवृष्टि के कारण बिजनाड़ बादल फट गया। इससे स्थानीय ग्रामीण कालिया, फंकियारु व गुंता नामक तीन ग्रामीण परिवारों की छानी पर पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा आ गया। इसकी चपेट में आने से एक युवक और दो लड़कियां समेत तीन लोग लापता हो गए। ग्रामीणों ने मलबे से युवक का शब बरामद कर लिया है, जबकि अन्‍य लोगों की तलाश जा रही है।  इसके अलावा ग्रामीणों के पशु और मवेशी भी मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना के तुरंत बाद एसडीएम संगीता कनौजिया के निर्देशन में तहसीलदार पूरण सिंह तोमर के नेतृत्व चकराता से एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। घटनास्थल सड़क मार्ग से दो किमी दूर है। आसपास के लोग राहत बचाव कार्य में जुट गए।

बदरीनाथ और केदारनाथ की चोटियों पर हिमपात की भी सूचना है। मौसम विभाग की ओर से आज भी भारी से भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।  वहीं, आज की बात करें तो उत्‍तराखंड के सभी जनपद में बीती रोज से बारिश हो रही है। बद्रीनाथ की चोटियों में और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ समेत पूरे रुद्रप्रयाग जिले में बारिश हो रही है। वहीं, देहरादून और मसूरी में लगातार बारिश मौसम ठंडा हो गया है। देहरादून में 24 घंटे में 48 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो कि बीते दस वर्षों में मई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। अन्य जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। अगले 24 घंटे भी बारिश जारी रहने की आशंका है।

भारी भूस्‍खलन के कारण नेशनल हाईवे 58 ऋषिकेश - श्रीनगर कोडियाला और बयासी के पास बंद हो गया है। हाईवे को खोलने के लिए दो मशीन लगी हुई है। करीब दो घंटे में मार्ग के खलने की उम्‍मीद है। बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ नाले में आया उफान, ट्रक फंसा; हाईवे 50 मीटर क्षतिग्रस्त हो चुका है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले की सीमा पर स्थित नाचनी कस्बे में इसी स्थान से पैदल पुल बह गया है। रामगंगा नदी को पार करने के लिए स्थानीय लोग इस पुल का इस्तेमाल करते थे।