ऋषिकेश में मुनिकीरेती स्थित ऋषिलोक के कोविड केयर सेंटर में मरीजों की सेवा कर रहे डॉ. जगदीश जोशी अचानक बेहोश हो गए। इस दौरान मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से उन्हें बेड में लेटाया गया। कुछ देर बाद उन्हें होश आया। करीब तीन घंटे आराम करने के बाद वे दोबारा मरीजों की सेवा में जुट गए। कोविड केयर सेंटर में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि डॉ. जगदीश जोशी कोविड केयर सेंटर में दिनरात मरीजों की सेवा में जुटे हुए हैं। संभवत: इसी के चलते उनका स्वास्थ्य खराब हुआ है। डॉ. जगदीश जोशी ने कहा वे अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की जान की चिंता कर रहे हैं। मौके पर मौजूद ढालवाला मुनिकीरेती पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी और थाना मुनिकीरेती प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि जिस जज्बे के साथ डॉ. जोशी कोरोनाकाल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वह काबिलेतारिफ है।

ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती और ऋषिकेश में मंगलवार को 368 कोरोना संक्रमित मरीज मिले। कोविड केयर सेंटर से 14 लोग स्वास्थ्य होकर अपने घर लौट गए हैं। 150 मरीज अभी भी कोविड केयर सेंटर में भर्ती हैं। राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश के नोडल अधिकारी एसएस यादव ने बताया कि 158 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जिनमें 21 रैपिड एंटीजन और 137 आरटीपीसीआर में आए हैं। 369 लोगों की कोविड-19 जांच की गई है। 126 लोग होम आइसोलेट हैं। जिन्हें कोविड कीट दी गई है। 280 लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है। डॉ. जगदीश जोशी टिहरी जिले के फकोट ब्लॉक के स्वास्थ्य प्रभारी का पदभार संभाल रहे हैं। संभवत: जितनी बड़ी जिम्मेदारी उतनी बड़ी परेशानी होना भी लाजिमी है। फिलहाल डॉ. जोशी का स्वास्थ्य ठीक है। दूरभाष पर डॉ. जोशी ने अपने स्वस्थ होने की जानकारी खुद फोन पर दी।