अपने बीमार पति को बचाने के लिए एक भूखी महिला के संघर्ष ने हैदराबाद के एक युवा डॉक्टर के दृष्टिकोण को बदल दिया, जिसने मुफ्त में मरीजों के इलाज के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।  डॉ विक्टर इमैनुएल चिकित्सा में स्नातकोत्तर कर रहे थे, जब उन्हें जीवन बदलने वाला अनुभव आया।  जब वह केरल के अस्पताल में इंटर्न कर रहा थे, तब उसे आईसीयू में भर्ती एक बुजुर्ग व्यक्ति मिला।

एक दिन जब यह युवा डॉक्टर ड्यूटी से घर लौट रहा था तब उसने देखा कि आईसीयू वाले व्यक्ति की पत्नी अस्पताल से सटी सड़क पर भीख मांग रही है।  पूछताछ करने पर उसने पाया कि महिला दिन में केवल एक बार खाना खा रही थी और अपने पति के इलाज के लिए भीख मांग रही थी।  इससे डॉक्टर विक्टर की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने मरीजों का मुफ्त इलाज करने का फैसला किया। उस वक्त से हैदराबाद के बोडुप्पल में प्रज्वाला क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर विक्टर इमैनुएल पिछले चार सालों से परामर्श शुल्क के रूप में 10 रुपये लेते हैं।  अधिकतर मरीजों का इलाज नि:शुल्क किया जाता है।  

हैदराबाद में जन्मे डॉ. विक्टर इमैनुएल एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी के पुत्र हैं।  मध्य प्रदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए केरल चले गए।  डॉ विक्टर ने जीवन को करीब से देखा और समाज की सेवा करने का फैसला किया। चार साल पहले प्रज्वाला क्लिनिक शुरू करने वाले डॉक्टर ने कहा कि  हमारे पास मरीजों की विभिन्न श्रेणियां हैं। अनाथ, स्वतंत्रता सेनानियों, पूर्व सैनिकों, एसिड अटैक पीड़ितों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। लैब शुल्क, दवाएं 30-40 प्रतिशत छूट पर दी जाती हैं। आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों के लिए, हम शुल्क नहीं लेते हैं । इसके अलावा कुछ ऐसे मरीज भी उनसे स्वास्थ्य परामर्श लेने आते हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, ऐसे मरीज परामर्श के लिए 200 रुपये शुल्क स्वइच्छा से देते हैं। डॉक्टर ले अनुसार दिन भर में 70-80 मरीज उनके पास 10 रुपये में इलाज करवाते हैं जबकि 120-30 मरीज हर दिन 200 रुपये पर इलाज के लिए आते हैं। 

डॉक्टर ने बताया कि  दूसरी COVID लहर के दौरान मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है।  कई बार आउट पेशेंट का वार्ड 1 बजे तक चलता है। लेकिन लोग हमारे पास उम्मीद से आते हैं इसलिए हम मरीजों को अस्वीकार नहीं कर सकते। डॉ विक्टर के लिए, मानवता की सेवा करना ही एकमात्र मकसद है, हालांकि उनके पास किसी भी कॉर्पोरेट अस्पताल में मोटी कमाई करने के लिए पर्याप्त योग्यता थी।  उनके प्रयास में, उनकी पत्नी ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वह उनके समर्थन की सबसे बड़ी स्तंभ बनी रही।  डॉक्टर ने बताया कि, जब मैं पहली बार गठबंधन की बैठक के दौरान अपनी पत्नी से मिला, तो मैंने उसे सस्ती चिकित्सा सेवा के अपने इरादे के बारे में बताया।  और मुझे उनका समर्थन उस वक्त से आज तक मिल रहा है।  मेरी पत्नी डॉ. वासवी हैदराबाद के एक मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी मेंबर के तौर पर काम करती हैं।