राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के पहले चार हफ्तों में 8 लाख से अधिक प्रवासी कामगार घर लौट चुके हैं।  दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 लाख  श्रमिकों में से आधे (3,79,604) पहले हफ्ते में ही दिल्ली छोड़कर घर लौट गए थे। हालांकि दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले साल की तरह हुई परेशानी से बचने के लिए इस बार मजदूरों के लिए बस और अन्य इंतजाम किए गए थे।

राज्य परिवहन विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है, कि दिल्ली सरकार द्वारा पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के परिवहन अधिकारियों के साथ समय पर समन्वय ने लगभग 08 लाख प्रवासी मजदूरों को बिना किसी कठिनाई के अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद की है। स्वामित्व के रूप में अधिक शुल्क लेने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई  और अंतर्राज्यीय बसों का संचालन संबंधित राज्य सरकारों के पास था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि तीन आईएसबीटी के बीच यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ आनंद विहार आईएसबीटी (689,642 यात्रियों) पर देखी गई।  इन बसों की व्यवस्था दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों द्वारा विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों के लिए की गई थी।