हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित विनय विशाल नर्सिंग होम में आक्सीजन की कमी से सोमवार देर रात कोरोना से संक्रमित पांच मरीजों की मौत हो गई। नर्सिंग होम के संचालक डा. विशाल ने बताया कि रात दस बजे से ही ऑक्सीजन खत्म होने के बारे में प्रशासन को अवगत करा दिया था, लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। दूसरी ओर रुड़की के अपर उपजिलाधिकारी पूर्ण सिंह राणा ऐसी किसी जानकारी से इन्कार कर रहे हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र चकराता के चारों सामुदायिक केंद्र के अस्पतालों में कोरोना से बचाव के मद्देनजर आक्सीजन समेत अन्य उपकरणों की व्यवस्था के लिए विधायक निधि से 21 लाख राशि दी। प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश और जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रशासन को कांग्रेस की ओर से हरसंभव मदद मुहैया कराई जाएगी। प्रीतम सिंह ने चकराता के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहिया, त्यूणी, कालसी और चकराता में 16 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, 16 बेड, 40 ऑक्सीमेटर, 20 ऑक्सीजन सिलेंडर के व्यवस्था के लिए अपनी निधि से राशि दी। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा की क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मैंने सरकार को कई सुझाव भी दिए। मेरे विस क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के महामारी की चपेट में आने की संख्या बढ़ती जा रही है।

CM ने पंचायतों को जारी की 90 करोड़ 24 लाख की पहली किश्त, 20 फीसद कोरोना से बचाव को कर सकेंगे खर्च - मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कैंप कार्यालय में पीएफएमएस के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष (2021-22) प्रथम त्रैमासिक किस्त (अप्रैल-मई-जून) का डिजिटल हस्तांतरण किया। इसके तहत उत्तराखंड के ग्राम पंचायतों के लिए 27 करोड़ 20 लाख, क्षेत्र पंचायतों के लिए 20 करोड़ 40 लाख और जिला पंचायतों के लिए 42 करोड़ 64 लाख 84 हजार रुपए की धनराशि हस्तांतरित की गई। राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की पहली त्रैमासिक किश्त के रूप में कुल 90 करोड़ 24 लाख 84 हजार रुपए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अनुदान की धनराशि सभी पंचायतों को पीएफएमएस द्वारा एकसाथ डिजिटल हस्तांतरण के माध्यम से अनुदान की राशि हस्तांतरित की जा रही है, ताकि यह धनराशि बिना बिना देरी के संबंधित पंचायतों के खाते में हस्तांतरित हो सके और उन्हें अपनी विकासपरक योजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी संक्रमण से ग्रामवासियों के बचाव के लिए आवश्यक उपायों और बाहर से आए नागरिकों के संस्थागत क्वारंटाइन संबंधी व्यवस्था के लिए सामुदायिक भवनों (विद्यालय, पंचायत भवन, अन्य सामुदायिक भवन आदि) की साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, शौचालय व्यवस्था और सैनिटाइजेशन आदि कार्यों को पूरा करने में सहायता मिल सके।

ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा रही धनराशि के सापेक्ष 20 प्रतिशत धनराशि कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार, सैनेटाइजेशन और महामारी से संबंधित अन्य कार्यों पर व्यय की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कोरोनाकाल की परिस्थितियों में सभी सम्मानित पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्राम वासियों द्वारा सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हम कोरोना संक्रमण को रोकने में अवश्य सफलता प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना डिजिटल इंडिया का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की जानकारी जन सामान्य को ऑनलाइन पहुंचाने और ग्राम पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए समस्त ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबेंड इंटरनेट से जोड़ना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उत्तराखंड सरकार के दिशा-निर्देशानुसार में पंचायतीराज विभाग उत्तराखंड द्वारा समस्त ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के बैंक खातों को भारत सरकार द्वारा लागू ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से पीएफएमएस-प्रिआ सॉफ़्टइंटरफेस के साथ जोड़ा गया है।