प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार सुबह से लगातार बारिश हो रही है। सीमांत इलाकों में बर्फबारी की भी ख़बरे सामने आ रही हैं। बरसात के समय में सबसे ज्यादा प्रभावित पहाड़ी क्षेत्र के राजमार्ग होते हैं और उनको खोलने में कई बार दो दिन से भी अधिक का समय लग जाता है। पश्चिमी विक्षोभ और समुद्री तूफान टाक्टे का असर पहाड़ों के मौसम में भी दिखा रहा है। उत्तरकाशी में बुधवार सुबह से हो रही बारिश बृहस्पतिवार को भी जारी है। जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री में भी बारिश तथा ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यमुनोत्री हाईवे तीन स्थानों पर बंद है, जबकि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण धरासू और रतूड़ीसेरा के पास बंद है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 21 मई तक सड़क, बिजली, खाद्यान्न, रसोई गैस, पेयजल से जुड़े विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन उत्तरकाशी ने जीवनरेखा से जुड़े विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिससे आपात स्थिति से निपटा जा सके।

कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो इसके मध्यनजर सीमा सड़क संगठन, एनएच और लोनिवि ने भूस्खलन प्रभावित स्थानों पर अपनी टीमें भी तैनात की हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री मार्गों पर बीआरओ राजमार्ग को सुचारू करने में जुटा है। उम्मीद है जल्द ही दोनों मार्गो को वाहन आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।