दो दिन की बारिश से प्रदेश भर में मौसम सुहाना हो गया है। महज दो दिन की बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। बारिश से सीमांत जिलों में नए रेकॉर्ड स्थापित किए हैं। बुधवार और बृहस्पतिवार को सबसे अधिक बारिश बड़कोट तहसील क्षेत्र में हुई है। यहां बुधवार सुबह से लेकर बृहस्पतिवार दोपहर तक 100 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि जिला मुख्यालय में 77 एमएम बारिश दर्ज की गई है। 

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि इस बार 1 मई से लेकर 20 मई तक 12वीं बार बारिश हो चुकी है। इससे पहले वर्ष 2017 के मई माह में पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक बारिश होनी दर्ज की गई थी। देवेंद्र पटवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अप्रैल और मई के माह बारिश अधिक हो रही है। गत वर्ष भी मई माह में अच्छी बारिश हुई थी। लेकिन, इस बार तो बारिश ने पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड ही तोड़ा है।

पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश ने कई स्थानों पर मुश्किलें भी बढाई जिससे स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है। बारिश से अधिक नुकसान पहाड़ी क्षेत्रों में ही हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे पत्थर की दीवारों के टूटने की दर्जनों खबरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर ग्रामीण सड़कों को भी क्षति की खबर आ रही है। श्रीनगर गढ़वाल तहसील क्षेत्र के सभी दस पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने को भी कहा गया है। वह स्वयं पटवारियों से लगातार मोबाइल से संपर्क बनाए हुए हैं।