सरकार ने वर्ष 2006-07 में राज्य योजना में पौड़ी जिले के अंतर्गत कौड़ियाला-व्यासघाट मार्ग को मंजूरी दी थी। ऋषिकेश-श्रीनगर मार्ग से जोड़ने के लिए इस पर कौड़ियाला से एक किमी आगे सिंगटाली में गंगा नदी पर पुल का निर्माण प्रस्तावित किया गया, लेकिन पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सरकार ने पूर्व से प्रस्तावित स्थल सिंगटाली के बजाय इससे तीन किमी आगे का स्थल पुल निर्माण के लिए चयनित कर आदेश जारी किए थे। कांग्रेस के कार्यकाल में यह विभिन्न कारणों के चलते लटका हुआ था। त्रिवेंद्र सरकार ने 15 जनवरी 2020 को इस पुल के निर्माण स्थल को बदलने के आदेश जारी कर दिए थे। तब से क्षेत्रवासियों के विरोध के चलते यह प्रस्तावित पुल सुर्खियों में था।  

लम्बे समय बाद तीरथ सरकार ने निर्णय लिया है कि यह पुल सिंगटाली में ही बनेगा। इस संबंध में पिछली सरकार के कार्यकाल में जारी शासनादेश को निरस्त कर नया शासनादेश जारी कर दिया गया है। पुल का निर्माण टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लाक के सिंगटाली गांव और पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक के ढांगूगढ़ में गंगा नदी पर किया जाना है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जहां जनता चाहती है, वहीं पर यह पुल बनने जा रहा है। क्षेत्रीय जनता लंबे अर्से से यह मांग उठा रही थी, जो पूरी हो गई है।  

यह पुल सिंगटाली, व्यासी, सतपुली, रिखणीखाल, सिद्धखाल, नैनीडांडा, रामनगर होते हुए कुमाऊं मंडल को भी जोड़ने का काम करेगा। उधर, ढांगू विकास समिति के अध्यक्ष उदय सिंह नेगी ने सिंगटाली में ही इस पुल के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। इस पुल के निर्माण से पौड़ी जिले की एक बड़ी आबादी के लिए ऋषिकेश व देहरादून की यात्रा आसान और निकट हो जाएगी।