विदेशों में हो रही मोदी और उनकी सरकार की थू-थू पर पर्दा डालने के लिए उनके अनुयायी अब मिलते जुलते नाम का इलेक्ट्रॉनिक न्यूज पेपर पब्लिश कर मोदी की छवि को सुधारने का काम कर रहें है। मझेदार बात तो ये है कि भाजपा के अनपढ़ नेता इन फर्जी खबरों को ट्विटर पर शेयर भी कर रहे हैं। शायद इसीलिए मोदी के गुणगान गाने वाले चिरौंदू कलाकर अनुपम खैर भी यह सलाह देते नजर आ रहे हैं कि यह वक्त इमेज साफ करने का नही बल्कि काम करने का है। लेकिन भाजपा के अगूंठा छाप मंत्रियों को कौन समझाए कि अंग्रेजी अखबार पढ़ने वाले पाठक मोदी भक्त नही हैं। भक्ति में तो सिर्फ वही डूबे हुए हैं जिनकी हिंदी भी इतनी खराब है कि एक अधिकारी को सही पत्राचार करने में ही पेशाब निकल आता है।

खैर, हुआ यूं कि ब्रिटेन अखबार "द गार्डियन" ने भारत में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर मोदी की पोल खोल दी और कहा कि भारत में कोरोना की तबाही के लिए सिर्फ मोदी और उनकी सरकार ही जिम्मेदार है। कई अन्य विदेशी अखबारों ने भी मोदी और उनकी सरकार को ही कोरोना की दूसरी लहर का जिम्मेदार बताया था जिसका प्रकाशन "पहाड़ समीक्षा" ने पूर्व में किया था। भारतीय मीडिया तो इतना बिक चुका है कि उन्होंने कोरोना पर हुई मौतों का सच भी छुपाने की कोशिश की लेकिन विदेशी मीडिया बराबर अपने देशों को सच से अवगत करवाता रहा। परिणामस्वरूप मोदी जी तिलमिला गये और उन्होंने विदेशी मीडिया हाउसों कोएक लंबा चौड़ा पत्र भेज दिया लेकिन मोदी ये भूल गये कि वह भारत जैसा बिकाऊ मीडिया नही है जो बलवंत राय का पट्टा पहन ले। जब विदेशी मीडिया में मोदी और उनकी सरकार की धज्जियां उड़ने लगी तो उनके मीडिया सलाहकारों के दिमाग में मोदी जी की आचाक प्राप्त की गई डिग्रियों जैसा ख्याल आया और उन्होंने एक प्लान बनाया कि जिन अखबारों में मोदी का विरोध हो रहा उन्हीं जैसा मिलता जुलता नाम का इलोक्ट्रॉनिक न्यूज पेपर बनाते हैं जिसमें मोदी जी की तरफी करके उन चरित्र चित्रण को साफ किया जाय। लेकिन खेल उल्टा हो गया, सिर्फ इसलिए कि पाठक समझदार थे। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमांचल, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे नही जिनको सिर्फ जाप करना आता है लेकिन आंकलन नही, तो हुआ ये कि भाजपा की पोल पट्टी खुल गई।

सुदेश वर्मा जो कि भाजपा मीडिया सेल के कन्वीनर हैं और इन्हीं भाई सहाब ने ब्रिटिश अखबार 'द गार्डियन' की जगह एक फर्जी वेबसाइट बनाई जिसका नाम 'द डेली गार्डियन' रख के एक लेख प्रकाशित किया कि मोदी सरकार कोरोना की दूसरी लहर में जमकर काम कर रही है। सुरेश वर्मा टीवी वार्ता में पार्टी प्रवक्ता की भूमिकी भी निभाते हैं और " द नरेंद्र मोदी गेम चेंजर" नामक पुस्तक भी लिख चुके हैं। अब आपको साफ हो ही गया होगा कि भाई सहाब कितने बड़े चाटुकार हैं। इन्होंने जो वेबसाइट बनाई उसका डोमेन उत्तर प्रदेश के पते पर रजिस्टर है। खबर ले सामने आने के बाद ट्विटर पर केंद्र की भाजपा सरकार और पार्टी आकाओं का मजाक बना हुआ है। मोदी इतने शर्मशार हो गये हैं कि अब विदेशी मदद मांगने भी शर्म आ रही है, ऐसे में अपने कथाकथित समर्थकों में विश्वास बनाये रखने ले लिए कई तरह के पासे फेंके जा रहे हैं। देश के मुसलमानों से नफरत करने के बाद अब मुस्लिम देश ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए दिखाए जा रहे हैं। खैर, जब तक देश की कुछ हिस्सों या दिमागों पर अनपढ़ता भारी है तो मोदी की को चिंता करने की कोई बात नही है। आप बिंदास गैस, तेल, आटा, दाल की कीमतें बढाते रहिए, युवा आपसे रोजगार की बात नही करेगा।