उत्तराखंड समाचार: खबर पिथौरागढ़ से सामने आई है जहां एक युवक ने गलत इरादों से अपना नाम बदलकर ऐसा काम किया की हर कोई सन्न रह गया। नगर में कारपेंटर का काम करने वाले नौशाद ने नाम बदलकर नाबालिग के भाई से दोस्ती बढ़ाई। इसके बाद उसका घर आना-जाना शुरू हुआ। उसने नाबालिग के भाई और परिजनों को अपना नाम आकाश बताया था। एक दिन घर में अकेली पाकर उसने नाबालिग के साथ छेड़खानी की। उसके चिल्लाने पर पड़ोसी व परिजन घर पहुंचे तो नौशाद का असली चेहरा सबके सामने आया। परिजनों ने इसकी रिपोर्ट पुलिस में दर्ज की, जिस पर उसे गिरफ्तार किया गया।  ये घटना वर्ष 2019 में घटित हुई थी और उस वक्त से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। लंबी लड़ाई के बाद परिवार को न्याय तो मिला लेकिन एक सीख भी मिली कि किसी पर भी भरोसा करना अपने लिए घातक हो सकता है।

मामले में शुक्रवार को विशेष सत्र न्यायाधीष डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने सभी पक्षों व गवाहों को सुनने के बाद दोषी को धारा 354 व पॉक्सो एक्ट के तहत चार साल और पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ चलेंगी। न्यायालय ने प्रदेश सरकार को पीड़िता को 7 लाख देने का आदेश भी दिया है।

समाज में इस तरह के अपराध बढ़ते ही जा रहे हैं और इसमें अधिकांशत: मुस्लिम समाज के युवकों का संलिप्त होना, कहीं न कहीं इस समाज की पिछड़ी सोच को दर्शाता है। उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आये मुस्लिम युवक नाम बदलकर ही कारोबार भी करते हैं। उनकी दुकानों के नाम जानबूझकर हिन्दू देवी देवताओं या किसी हिन्दू लड़के लड़की के नाम पर होते हैं। ऐसा क्यों ? क्या इस्लाम में छलावा ही सिखाया जाता है। आपको करोबार करने के लिए हिन्दू नाम क्यों चाहिए ?