जब भी बारिश बहुत तेज हो जाती है, बारिश के साथ-साथ आसमान से बिजली भी गिरने लगती है। नासा के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में सबसे ज्यादा बिजली अप्रैल से मई के बीच चमकती है।  लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिजली क्यों चमकती है और इसका कारण क्या है? दरअसल, बादलों के अंदर गर्म हवा के कण ऊपर उठना चाहते हैं।  फिर वे ठंडी हवाओं के क्रिस्टल से टकराते हैं और इससे बिजली की चमक पैदा होती है।  बादलों के बीच टक्कर बहुत तेज होती है और इससे पैदा होने वाली बिजली सूरज की सतह से तीन गुना ज्यादा गर्म होती है।  इसी वजह से गड़गड़ाहट भी सुनाई देती है।   

रिपोर्ट के मुताबिक, आकाशीय बिजली क्षमता 300 किलोवाट से ज्यादा चार्ज की है।  यह शक्ति एक निश्चित सेकंड से भी कम समय तक चलती है और दिन के समय बिजली गिरने की संभावना और भी अधिक हो जाती है। इंसानों पर क्या होगा इसका असर ? आकाशीय बिजली घर पहुँचती है जब उसे ऐसा माध्यम मिल जाता है जहाँ से वह गुजर सकता है।  यदि यह बिजली के खंभों के संपर्क में आता है, तो यह बिजली के लिए एक कंडक्टर के रूप में कार्य करता है और उस दौरान यदि कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आता है तो यह उस चार्ज के लिए सबसे अच्छा कंडक्टर के रूप में कार्य करता है।  बिजली इंसानों के सिर, गले और कंधों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।

बचाव कैसे करें ? - जब बादल गरज रहे हों तो आपको घर के अंदर ही रहना चाहिए।  साथ ही बिजली पैदा करने वाली चीजों जैसे रेडिएटर, फोन, मेटल पाइप, स्टोव आदि से भी दूरी बनाकर रखें। इस दौरान आपको खुले मैदान में नहीं रहना चाहिए।