उत्तराखंड राज्य में भाजपा ले राज में एक से बढ़कर एक मुख्यमंत्री देखने को मिल रहें। कोई कोरोना को जीव बता रहा है तो कोई 18 से 44 वर्ष के लोगों को वैक्सीन को जगह ऑक्सिजन लगा रहा है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की शनिवार को एक बार फिर जुबान फिसल गई। आक्सीजन और वैक्सीन को लेकर सीएम तीरथ रावत का एक बयान आज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। शनिवार को गोपेश्वर में मीडिया कर्मियों से आक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी देते सीएम कह गए कि 18 से 44 साल आयु वाले नौजवानों को भी आक्सीजन लगनी शुरू हो गई है। खैर सच भी यही है, युवाओं को भी राज्य में ऑक्सिजन लगनी बहुत पहले ही शुरू हो गई है और राज्य में तीन तीन ऑक्सिजन प्लांट होने के बाद भी ऑक्सिजन पहले केंद्र के कहने पर बाहर भेजी जाती है और दूसरे राज्यों से अपने नागरिकों के लिए घण्टों इंतजार के बाद ऑक्सिजन मंगवाई जाती है, इसको आप बौद्धिक कुशलता नही कहेंगे तो क्या कहेंगे।

वीडियो वायरल होने के बाद तीखे कमेंट आने लगे तो सीएम समर्थकों ने तत्काल ही सच्चाई सामने रखी। समर्थकों समेत कई लोगों ने सीएम का दो मिनट 30 सेंकेंड का वीडियो जारी किया। कहा कि वीडियो में सीएम मीडिया से प्रदेश में आक्सीजन की उपलब्धता पर चर्चा कर रहे हैं। इसी बीच वैक्सीन का जिक्र आने पर उन्होंने पहले आक्सीजन कहा और तुंरत भी बयान सुधारते हुए वैक्सीन बोला। हालांकि तत्काल ही उन्होंने गलती सुधारते हुए वैक्सीन कह दिया था। लेकिन, दोपहर कुछ सोशल मीडिया यूजर ने मीडिया से बातचीत के वीडियो में सीएम के ऑक्सीजन तक के बयान को लेते हुए छह सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

अब क्या कहें एक तरफ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत हैं जिन्होंने राज्य की छवि पर पहले ही चार चांद लगा रखे हैं। अब उम्मीद थी कि राज्य कि धूमिल छवि कुछ साफ होगी लेकिन उम्मीद कम ही नजर आ रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भगत पहले ही नेताओं को नापतोल कर बोलने की सलाह देते रहते हैं फिर भी पार्टी के नेता और स्वयं मुख्यमंत्री भी गलतियां कर रही हैं। ऐसा ही चलता रहा तो लगता है इस बार राज्य चुनाव प्रचार मोदी जी ही करेंगे।