पहले कोरोना और अब ब्लैक फंगस। राज्य में धीमी व भयावाह स्थिति से पैर पसार रहा है ब्लैक फंगस वायरस। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्य के ऐम्स संस्थान में अब तक कुल 13 लोगों की मौत ब्लैक फंगस वायरस से हुई है। चार मरीजों की मौत केवल मंगलवार को ही होने से लोगों में दहशत का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार तक एम्स ऋषिकेश में  147 मरीज इस वायरस से पीड़ित आ चुके हैं। इस आंकड़े के बाद राज्य में ब्लैक फंगस को लेकर सुरक्षा बरती जा रही है, हालांकि अधिकांश मामले उत्तर प्रदेश राज्य से सम्बंधित है लेकिन मंगलवार को देहरादून का एक 37 वर्षीय पुरुष भी इस वायरस के चलते ऋषिकेश एम्स में जीवन की जंग हार गया।

एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि अस्पताल से अभी तक 09 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। इसी बीच मंगलवार को चार संक्रमितों की मौत भी हो गई है। एम्स में फंगस से गंभीर रूप से ग्रसित मेरठ उत्तर प्रदेश निवासी एक 60 वर्षीय महिला, माजरा देहरादून निवासी 37 वर्षीय पुरुष, बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी 64 वर्षीय महिला और चायसर पिथौरागढ़ उत्तराखंड निवासी 45 वर्षीय पुरुष की उपचार के दौरान मौत हो गई।

अभी तक के अध्ययन में यह पाया गया है कि ब्लैक फंगस जिसका मेडिकल भाषा में म्यूकोर माइकोसिस नाम है, का सम्बन्ध कोरोना से ही है। यह वायरस स्ट्रोइड जैसी दवाओं के प्रयोग से ज्यादा सक्रिय हो रहा है और कई मामलों में यह तेजी से जानलेवा स्तर को प्राप्त कर रहा है। अभी ब्लैक फंगस पर कोई ठोस डेटा कोरोना के प्रभाव के साथ मौजूद नही है इसलिए अध्ययन के बाद ही साफ हो सकेगा कि ब्लैक फंगस कोरोना में उपयुक्त दवाओं के स्तेमाल से ज्यादा सक्रिय हुआ या फिर यह भी किसी खास म्यूटेंट वाले मरीजों को प्रभावित कर रहा है।