रपट के मुताबिक एक 21 वर्षीय युवक ने ब्लड बैंक की बहुमाला बिल्डिंग पर चढ़कर हाई ड्रामा शुरू किया जिसके बाद लोग वहां एकत्रित हो गये। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बिल्डिंग की ऊंचाई देखी तो उनके भी पसीने छूट गये। खबर हल्द्वानी से प्रकाश में आई है जहां शनिवार को कुछ ऐसा हुआ कि लोगों को शोले फ़िल्म का धर्मेंद्र वाला सीन याद आ गया। लेकिन पुलिस को युवक की जान बचानी थी इसलिए पुलिस की एक टीम ने चुपचाप छत पर चढ़कर युवक को काबू में कर लिया। 

रपट के अनुसार, पवन सिंह नाम का एक 21 वर्षीय युवक शनिवार दोपहर को अचानक मुखानी स्थित एक ब्लड बैंक की बिल्डिंग की छत पर चढ़ गया। जहां से वह नीचे कूदने की धमकी देने लगा। यह देख आसपास भीड़ उमड़ पड़ी। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को जिसके बाद एसओ सुशील कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक को काफी देर तक बातों में लगाए रखा। इतने में दूसरी तरफ से अन्य पुलिस कर्मी बिल्डिंग की छत तक पहुंच गये और युवक को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पता चला कि युवक मानसिक तनाव जूझ रहा है। मानसिक तनाव से परेशान उसकी बड़ी बहन से भी कुछ समय पहले आत्महत्या कर थी। पुलिस ने युवक को मनोचिकित्सक से दिखाया अब उसका इलाज किया जाएगा।

आपको बता दें कि मानसिक रूप से जूझ रहे लोगों की हर सम्भव मदद उत्तराखंड पुलिस करती है। उत्तराखंड पुलिस मानसिक रूप से परेशान लोगों को मनोचिकित्सक से इलाज के लिए भी सम्पर्क करवाती है। राज्य में पिछले दो वर्षों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने एक पहल शुरू की थी। इस बीच पुलिस ने बहुत लोगों की जान बचाई भी। पहाड़ समीक्षा उत्तराखंड पुलिस के सराहनीय कार्य को सलाम करता है और राज्य नागरिकों से अनुरोध करता है कि अगर आपके आसपास ऐसा कोई व्यक्ति हो तो पुलिस का सहयोग करें।