जुलाई में उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए कसरत तेज, यूजीसी के निर्णय का हो रहा है इंतजार।

उत्तराखंड में पहले कोरोना की पहली लहर और उसके बाद दूसरी लहर के चलते सभी उच्च शिक्षण संस्थानों की तालाबंदी अब जल्द खुलने वाली है। सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए कसरत भी शुरू कर दी है। कोरोना की दूसरी लहर में कॉलेजों व विश्विद्यालयों के आगे छात्र/छात्राओं की परीक्षा को लेकर मंथन तेज हो गया है। पिछले सत्र में अधिकांश विश्विद्यालय/संस्थान छात्र/छात्राओं को उनके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर एक सेमेस्टर अथवा साल का प्रमोशन दे चुके हैं। लेकिन इस साल तो विश्विद्यालय/संस्थान के पास इस प्रकार का मूल्यांकन उपस्थित ही नही है क्योंकि जिन छात्र/छात्राओं को पिछले सत्र में प्रमोट किया गया था, इस साल उनकी नियमित कक्षाएं हुई ही नही तो प्रमोट किस आधार पर करें।


जून माह में कोरोना पर काफी स्थिरता आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई 15 तक कोरोना के मामले काफी हद तक काबू में होंगे। इसलिए सरकार व संस्थानों ने परीक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को नुकसान का अनुमान है। जबकि विद्यालयों और विश्विद्यालयों में अधिकांश संख्या 18+ आयु वर्ग की है। गौरतलब है कि राज्य में 18+ का टीकाकरण भी चल रहा है इसलिए विश्विद्यालयों या उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने में ज्यादा दिक्कत नही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पर 30 जून या 01 जुलाई तक सरकार अपना पक्ष साफ कर देगी। सूत्रों की माने तो लगभग 10 से 15 जुलाई तक उच्च शिक्षण संस्थानों को पूर्ण छात्र संख्या के साथ खोलने का निर्णय लिया जा सकता है। उच्चशिक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि जुलाई में कॉलेजों में छात्रों की फिर वापसी हो सकती है। जिन जिलों में कोविड के मामले कम है, वहां से इसकी शुरुआत की जाएगी। शेष परीक्षा प्रणाली और छात्रों को  प्रमोट करने के लिए यूजीसी की अंतिम गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा।