50 वर्ष पहले जिस  इंडियन एग ईटर सांप को विलुप्त घोषित कर दिया गया था उसके अचानक मिलने से कार्बेट नेशनल पार्क के कर्मियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस सांप को कालागढ़ रेंज से इस सांप को रेस्क्यू किया गया। बीते बुधवार को कालागढ़ की एक आवासीय कालोनी से वन विभाग की रेस्क्यू टीम को सूचना मिली कि एक घर के पास सांप आ गया है। टीम मौके पर पहुंची तो उन्होंने एक सांप को पकड़ा जिसके सिर पर नारंगी लकीरें और पीठ भूरे रंग की थी। रेस्क्यू टीम प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि यह एक इंडियन एग ईटर सांप हैं।

रेस्क्यू टीम प्रभारी दीपक कुमार ने यह भी बताया कि सांप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक - श्रेणी में आता है। यह निशाचर अधिकतम एक मीटर तक ही लंबा होता है और ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में ही पाया जाता है। यह सांप विशेष रूप में पक्षियों के अंडे खाता है इसलिए इसका नाम इंडियन एग ईटर रखा गया है। एक बार में यह सांप कम से कम 40 से 50 अंडे देता है।  

रेस्क्यू सूचना उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती और कार्बेट के वार्डन आरके तिवारी को दी। जिस पर वे भी मौके पर पहुंच गए। दुर्लभ सांप मिलने से वन विभाग भी खासा उत्साहित है। अधिकारियों ने उक्त सांप को जंगल में छुड़वाकर उसकी निगरानी के निर्देश दिए हैं।