38 साल के मनोज कुमार पुत्र मोहन राम लौबांज निवासी को किडनी में पथरी की शिकायत थी। ज्यादा दिक्कत होने पर उन्हें जिला मुख्यालय से लगे द्यांगण में एक निजी अस्पताल तीन दिन पहले भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन का परामर्श दिया तो बुधवार को उनका ऑपरेशन निजी अस्पताल द्वारा किया गया। लेकिन  हस्पताल ने बिना परिजनों की अनुमति के मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया और वीरवार को इसकी सूचना परिजनों को दी।


अब परिजनों ने हस्पताल पर कई गम्भीर आरोप लगाए हैं और जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि पहले डाक्टरों ने बताया था कि यदि उसका समय पर आपरेशन नहीं हुआ तो किडनी को खतरा हो सकता है। हमने डॉक्टर की राय पर ही ऑपरेशन। और अब डॉक्टर मामला गंभीर बता रहे हैं। पूछने पर डॉक्टर आक्सीजन लेबल कम होने और वेंटीलेटर की बात कर रहे हैं। मरीज के पहले भी चार ऑपरेशन हो रखें है। यह बात भी परिजनों ने बताई।

लेकिन परिजनों का कहना है कि यदि हस्पताल के पास ऑक्सिजन या वेंटिलेटर नही था तो ऑपरेशन से पहले क्यों नही बताया ? और बिना किसी सूचना के मरीज को हायर सेंटर कैसे भेजा गया। पूरे मामले पर अस्पताल के सर्जन डा. महेंद्र कटारिया ने बताया कि मरीज का आक्सीजन लेबल लगातार कम हो रहा था। उन्हें वेंटीलेटर में रखा जाना बेहद जरूरी था। परिजनों को इसकी जानकारी दी गई है और मरीज के साथ में दो लोग वहां गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में अस्पताल की कोई लापरवाही नही है।