मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का भावुक हो जाना, जनता के लिए एक अच्छा सन्देश। राजनीतिक कारणों से सम्वेदनाएं न खोए, हम इस धरती पर हमेशा के लिए नहीं है। बस हमारे अच्छे कर्म ही अच्छी यादें बनकर रहेंगी।

विगत कुछ वर्षों में समाज ने जो खोया है वह है, सम्वेदनाएं! राजा जिस पथ पर आगे बढ़ता है उसकी प्रजा उसका अनुसरण अवश्य करती है। इंसान अपने भौतिक भले बुरे कर्म सब यहीं छोड़ जाता है। बस रह जाती हैं यादें। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने एक बार फिर से राजनीतिक संवेदनाओं को जगा दिया है। बात यह नहीं है कि नेता प्रतिपक्ष ने आज तक क्या किया या नहीं किया, लेकिन एक अच्छे व्यक्तित्व की पहचान है कि वह हर घड़ी बुराई में लिप्त न रहे। बदकिस्मती से कुछ वर्षों से ये राजनीति से जुड़े लोग सर्वाधिक कर रहें है, खासतौर पर भाजपा से जुड़े लोग। 


कल जब मुख्यमंत्री तीरथ सिंह नेता प्रतिपक्ष को श्रद्धा सुमन अर्पित करने गये तो पुरानी बातों को याद करते हुए भावुक हो गये। वजह इस भौतिक संसार में साथ बिताए कुछ ऐसे पल जो अब यादें हैं। हम इंसानी मूर्खता में अधिकतर केवल उस व्यक्ति के प्रति ज्यादा सम्वेदनाएं व्यक्त करते हैं जो मर जाता है। लेकिन सर्वाधिक चेतना होने के साथ हमें हर पल एक दूसरे के साथ यह व्यवहार करना चाहिए। संसार ले भौतिक सुखों की चाह हमारे कर्म तय करती है अगर हमने खुद पर नियंत्रण नही सीखा। क्या एक चोर को अचानक यदि अचानक पुलिस अधिकारी बना दिया जाय तो वह चोरी छोड़ नहीं देगा ? 100% छोड़ देगा और साथ ही बेहतरीन तरीकों से चोरों को पकड़ेगा भी। क्योंकि मौकों के अभाव ने उसको चोरी करना ही सिखाया इसलिए उसकी आदतें बुरी हैं। तो क्या उसकी इस भूल पर समाजिक सम्वेदनाएं खत्म हो जानी चाहिए ? 

समाजिक अशांति का एक बहुत बड़ा पहलू है संवेदना। हमें दूसरे लोगों को भी यही सन्देश देते हुए इस भौतिक संसार में आगे बढ़ना चाहिए कि सम्वेदनाएं बनी रह सकें। पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी क्यों लोगों के दिलों में घर कर गये ? क्योंकि उन्होंने आजीवन एक नियम का पालन किया "मतभेद कितना भी बड़ा बना लो, लेकिन मनभेद जरा भी न होने पाए"। बदकिस्मती से वर्तमान राजनीति में ये सब कहीं गायब हो गया है। हम बिना किसी विश्लेषण किसी विषय अधिक कुटिल बुद्धि का प्रयोग करके समाजिक ताने बाने को बुरी तरह प्रभावित कर रहें हैं। इस मैली राजनीति के वक्त में मुख्यमंत्री ने अच्छा सन्देश दिया। पहाड़ समीक्षा इस कार्य के लिए उनकी सरहाना करता है और उज्जवल भविष्य की कामना करता है।