उत्तराखंड के यशस्वी व तेजस्वी सीएम हाल ही में दिल्ली दौरे से हो आये हैं। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से औपचारिक मुलाकात  सीएम पिछले हफ्ते कर चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब पुनः अफसरों की उच्च इकाई टीम के साथ दर्जनभर केंद्रीय मंत्रियों से मिलने को फिर दिल्ली दरबार के लिए रवाना होंगे। दिल्ली दौरे के बाद सीएम एक नई ऊर्जा में काम करते नजर आए। माना जा रहा है कि तीरथ डबल इंजन का दम दिखाने में कोई कोर कसर नही छोड़ना  कहते हैं। ऐसा स्वाभाविक भी है क्योंकि विधानसभा चुनाव पास ही हैं इसलिए हर कोई मुख्यमंत्री चाहेगा कि इस समय जनता का ध्यान उसकी तरफ केंद्रित हो।

आज कल उत्तराखंड में एक घटना खूब चर्चा में है। हुआ यूं कि हरक सिंह रावत मुख्यमंत्री से मुलाकात को पहुंचे थे, वहीं विधायक खजानदास भी मौजूद। मंत्री को देख शिष्टाचार के नाते उनसे दुआ सलाम कर बगल में आ बैठे, लेकिन मंत्री तो जैसे अनजान बन गए। वह तो जब विधायक ने बातचीत शुरू की, तब हरक को समझ आया कि यह तो पार्टी विधायक हैं। फिर उन्होंने कहा कि मास्क की वजह से पहचान नही पाए, खैर जो भी हो नेता कभी किसी पाली में तो कभी किसी।

तीरथ केंद्र से सूबे के लिए ज्यादा से ज्यादा मदद हासिल करके सीएम का दमखम दिखाना चाहते हैं। उनकी कोशिश है कि 2022 विधनसभा चुनाव से पहले मंत्रियों में भी किसी प्रकार का मनमुटाव पैदा न हो। हालांकि तीरथ के पीछे पीछे त्रिवेंद्र भी दिल्ली पहुंच गये थे, वजह क्या है ? ये तो आलाकमान ही जाने। तीरथ को सरकार की कमान तब मिली, जब चुनाव को बस सालभर का ही समय बचा था। ऐसे में केंद्र सरकार 2022 विधानसभा के मध्यनजर कोई ढिलाई बरतना नहीं चाहती और सीएम तीरथ को हर सम्भव मदद का आश्वासन भी मिलता रहेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि राज्य के तेजस्वी सीएम तीरथ क्या गुल खिलाते हैं।